भोपाल 12 दिसंबर (आरएनएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विवादों में घिरे आईएएस संतोष कुमार वर्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्णय लेते हुए उनकी आईएएस सेवा समाप्त करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का आदेश दिया है। सरकार वर्मा को चार्जशीट भी देगी।
देर रात मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। इसके साथ ही वर्मा को कृषि विभाग से हटाकर जीएडी पूल में अटैच कर दिया गया है, जहां उनके पास न विभाग होगा, न कोई कार्य।
संतोष वर्मा के बयान के बाद ब्राह्मण समाज में आक्रोश था। लगातार सरकार से कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बाद सरकार ने सिर्फ उन्हें नोटिस जारी किया था। नोटिस जारी करने के बावजूद वह विवादित बयान दे रहे थे। उन्होंने सांसद चंद्रशेखर आजाद के सुर में सुर मिलाते हुए कहा था कि कितने संतोष वर्मा को मारोगे, हर घर से एक संतोष वर्मा निकलेगा। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट पर सवाल उठाया। साथ ही संतोष वर्मा ने कहा कि एससी-एसटी को हाईकोर्ट सिविल जज नहीं बनने दे रहा है। यह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद था।
आईएएस संतोष वर्मा के इन बयानों से सरकार असहज हो रही थी। चेतावनी के बाद भी यह सुधरने का नाम नहीं ले रहे थे। इसके बाद गुरुवार रात 11 बजे सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। इनको पूरी तरह से बेकाम कर दिया है। अब इनके पास कोई काम नहीं है। किसान एवं कृषि कल्याण विभाग के उप सचिव पद से हटा दिया गया है। साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग में बिना काम के इन्हें अटैच कर दिया गया है। अब सिर्फ कार्यालय जाएंगे लेकिन इनके पास कोई काम नहीं होगा।
संतोष वर्मा पर पहले से आरोप है कि उन्होंने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे आईएएस में प्रमोशन लिया है। इसे लेकर इनको जेल भी हुई थी। रीवा सांसद समेत ने कई लोगों ने इसे लेकर शिकायत भी की थी। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसी आधार सरकार केंद्र को इन्हें बर्खास्त करने की सिफारिश भेजेगी। साथ ही सरकार की तरफ से जो नोटिस इन्हें भेजा गया था, उसके जवाब भी संतोषजनक नहीं हैं। राज्य सरकार ने इनके खिलाफ चार्जशीट जारी करने का निर्णय लिया है।
आईएएस संतोष वर्मा ने हाल के दिनों में दो बड़े विवादित बयान दिए थे। आईएएस संतोष वर्मा के बयान के खिलाफ लगातार लोगों में गुस्सा था। कई जगह ब्राह्मण समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया था और कार्रवाई की मांग की थी। जगह-जगह वर्मा के पुतले भी फूंके गए थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसके बाद बड़े आंदोलन की भी तैयारी थी।
1. ब्राह्मण बेटियों पर टिप्पणी: अजाक्स सम्मेलन में बोले: जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।
2. हाईकोर्ट पर गंभीर आरोप: एक अन्य वीडियो में कहा: एसटी वर्ग के बच्चों को सिविल जज कोई और नहीं, हाईकोर्ट नहीं बनने दे रहा हैज् कटऑफ माक्र्स जानबूझकर कम दिए जाते हैं।

