देहरादून,19 दिसंबर (आरएनएस)। प्रस्तावित रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर देहरादून और मसूरी के नागरिकों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। देहरादून सिटीज़न्स फोरम और अन्य नागरिक समूहों से जुड़े 146 लोगों ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर इस परियोजना पर रोक लगाने की मांग की है। नागरिकों ने पत्र में स्पष्ट किया है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन 21 गंभीर कारणों के चलते 26 किलोमीटर लंबी इस एलिवेटेड रोड परियोजना को देहरादून के लिए नुकसानदेह बताया है। शहर पहले से ही अनियंत्रित शहरी विकास, स्थानीय ट्रैफिक जाम और बढ़ते पर्यावरणीय दबाव से जूझ रहा है। ऐसे में यह परियोजना समस्याओं का समाधान करने के बजाय पर्यावरणीय, भू-वैज्ञानिक, कानूनी, सामाजिक और आर्थिक जोखिमों को और बढ़ा देगी। पत्र में कहा गया है कि देहरादून मेन बाउंड्री थ्रस्ट और हिमालयन फ्रंटल थ्रस्ट के बीच स्थित है, जो इसे भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बनाता है। पत्र में नागरिकों ने इलेक्ट्रिक बसों, रोपवे, मौजूदा सड़कों के बेहतर उपयोग, पैदल-अनुकूल ज़ोन और हरित परिवहन पर ज़ोर दिया गया है। कहा कि यह योजनाएं देहरादून को अधिक सुरक्षित, हरित और स्मार्ट बना सकती है। पत्र में अनूप नौटियाल, अनीश लाल, भारती जैन, जगमोहन मेहंदीरत्ता, रमना कुमार, रीतू चटर्जी, डॉ. उमेश कुमार, अजय दयाल, फ्लोरेंस पांधी, अभिनव थापर, डॉक्टर अरुणजीत धीर, किरण कपूर, राधा, मधुनजाली, अराधना नागरथ, राधेश लाल और मसूरी से गणेश सैली , कर्नल दास, हरदीप मान, मनमोहन कर्णवाल, प्रसेनजीत सिंह रॉय, तूलिका, रश्मि, शैलेन्द्र कर्णवाल, सुनील प्रकाश, अनिल प्रकाश, विनोद कुमार अग्रवाल, तान्या बक्शी, राहुल करनवाल आदि के हस्तारक्षर हैं।
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