अयोध्या 15 अप्रैल (आरएनएस) राम जन्मभूमि में विराजमान प्रभु श्री रामलला के प्रतिदिन होने वाले अलौकिक श्रृंगार और आरती का दृश्य श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहा है। बुधवार, 15 अप्रैल को वैशाख कृष्ण पक्ष त्रयोदशी के अवसर पर भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ी।
प्रातः काल 6:30 बजे मंगला आरती के साथ भगवान को जागृत किया गया। इसके बाद विधिवत स्नान, लेप और आकर्षक वस्त्रों से उनका श्रृंगार किया गया। मौसम के अनुसार रामलला को परिधान पहनाए जाते हैं—गर्मी में हल्के सूती वस्त्र और सर्दी में ऊनी वस्त्र धारण कराए जाते हैं।
भगवान को दिनभर चार बार भोग अर्पित किया जाता है, जिसकी शुरुआत बाल भोग से होती है। दोपहर 12 बजे भोग आरती और शाम 7:30 बजे संध्या आरती में भक्तों की भारी उपस्थिति रहती है। इसके पश्चात रात 8:30 बजे भगवान को शयन कराया जाता है।
मंदिर की रसोई में तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के व्यंजन रामलला को अर्पित किए जाते हैं, वहीं विशेष पुष्प माला दिल्ली से मंगाई जाती है। दर्शन का समय शाम 7:30 बजे तक निर्धारित है।

अयोध्या धाम में हर दिन रामलला के बदलते स्वरूप और भव्य आरती का दृश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर देता है।

