लखनऊ,20 दिसंबर (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक मजबूती से ही विकसित भारत का संकल्प साकार होगा। महिला सशक्तिकरण के माध्यम से आत्मनिर्भर ग्राम और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव है। स्वयं सहायता समूहों की ताकत से ग्रामीण भारत का भविष्य बदलेगा। लखपति दीदी अभियान से गांव-गांव समृद्धि पहुंचेगी और महिलाओं को सम्मान मिलेगा। महिला उद्यमिता और आजीविका संवर्धन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।श्री मौर्य यह बातें शनिवार को लोक निर्माण विभाग मुख्यालय, लखनऊ स्थित विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत अधिकारियों की राज्य स्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कही। कार्यशाला के दौरान उन्होंने ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों पर चर्चा करते हुए मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप बेहतर समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन दिया और उनमें नई ऊर्जा व उत्साह का संचार किया। उन्होंने लखपति दीदियों की संख्या बढ़ाने, नमो ड्रोन दीदियों की सक्रियता सुनिश्चित करने तथा निष्क्रिय समूहों को सक्रिय करने पर विशेष बल दिया। कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली दो विद्युत सखियों, दो लखपति दीदियों और दो बैंक सखियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि 400 करोड़ रुपये के बैंक क्रेडिट लिंकेज का प्रतीकात्मक चेक वितरण भी किया गया।बी सी सखी कार्यक्रम को राष्ट्रीयकृत करते हुए चार बैंकों—बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक के साथ एमओयू किया गया। इसके साथ ही कैडर मानदेय के पोर्टल का उद्घाटन भी किया गया। आजीविका मिशन में प्रदेश में सर्वोत्कृष्ट कार्य करने वाले वाराणसी, अम्बेडकर नगर और बिजनौर के उपायुक्त स्वत: रोजगार को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में एक करोड़ गरीब परिवारों की महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में विकसित किया जाए और जिलों में अधिकाधिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना सुनिश्चित की जाए, जिसमें खाद्य प्रसंस्करण विभाग से प्रावधानित सब्सिडी दिलाई जाए।कार्यशाला में राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विभाग विजय लक्ष्मी गौतम ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी.एल. मीणा, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग जी.एस. प्रियदर्शी और मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन दीपा रंजन ने भी अपने विचार व्यक्त किए।विशेष सचिव टी.के. शीबू, अपर मिशन निदेशक जयनाथ, संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला, विभिन्न बैंक अधिकारियों और ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से उपायुक्त स्वत: रोजगार, जिला मिशन प्रबंधक और ब्लॉक मिशन मैनेजर भी शामिल हुए।कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यक्रमों को नई गति देना और मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करना है।
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