नागपुर 22 Dec, (Rns)- देश की प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर कर रहे नागपुर के होटल व्यवसायी मनोहर खुशालानी और उनके परिवार को एक अप्रिय अनुभव से गुजरना पड़ा। खुशालानी ने आरोप लगाया है कि उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए जाते समय ट्रेन में टिकट को लेकर उनसे अवैध वसूली की कोशिश की गई और विरोध करने पर टीटीई ने अभद्र व्यवहार किया।
स्टेशन पर नहीं मिला टिकट, टीटीई से बात करने की सलाह
मनोहर खुशालानी के अनुसार, शनिवार दोपहर अचानक उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर जाने का कार्यक्रम बना। दोपहर सवा तीन बजे नागपुर से उज्जैन के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस रवाना होनी थी। ऑनलाइन टिकट बुक करने के बजाय वे अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ नागपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे, लेकिन तब तक समय निकल चुका था। टिकट काउंटर पर मौजूद बुकिंग क्लर्क ने बताया कि अब टिकट नहीं मिल सकेगा, हालांकि टीटीई से बात कर लेने पर ट्रेन में टिकट मिलने की बात कही गई।
चार सीटों के लिए 10 हजार रुपये की कथित डील
खुशालानी का आरोप है कि ट्रेन में टीटीई ने उन्हें चार सीट देने के बदले 10 हजार रुपये मांगे। प्रति टिकट 1500 रुपये के बजाय 2500 रुपये देने की बात कही गई और भरोसा दिलाया गया कि ट्रेन में ही कन्फर्म टिकट और सीटें दे दी जाएंगी। परिवार ने इस पर सहमति जताई। हालांकि, ट्रेन में कई सीटें खाली नजर आ रही थीं और टीटीई काफी देर तक वापस नहीं आए। इस बीच खुशालानी ने मोबाइल ऐप से सीट उपलब्धता जांची, जिसमें मुल्ताई से उज्जैन तक चार कन्फर्म सीटें उपलब्ध दिखीं। उन्होंने तुरंत वैध टिकट बुक कर लिया।
रकम बढ़ाने और फाइन की धमकी का आरोप
खुशालानी के अनुसार, टीटीई बाद में आए और अब प्रति सीट 3500 रुपये मांगने लगे। जब उन्हें बताया गया कि अब वैध टिकट ले लिया गया है, तो टीटीई कथित तौर पर नाराज हो गए और बिना टिकट यात्रा का आरोप लगाते हुए फाइन भरने को कहा। मनोहर खुशालानी का दावा है कि विरोध करने पर टीटीई ने उनके परिवार के सामने गाली-गलौज की और उन्हें बिना टिकट यात्री बताकर टॉयलेट के पास खड़े रहने को मजबूर किया। उन्होंने बताया कि मदद के लिए फोन करने पर भी टीटीई का व्यवहार और आक्रामक हो गया।
रेलवे से जांच की मांग
खुशालानी ने कहा कि वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन में सीटें खाली होने के बावजूद यात्रियों से अधिक पैसे वसूले जाना गंभीर मामला है। उनके अनुसार, नागपुर से उज्जैन के इस सफर के लिए जहां सामान्य किराया करीब 6 हजार रुपये बनता था, वहीं उन्हें कुल 18,692 रुपये चुकाने पड़े। उन्होंने भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने और वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों के साथ हो रहे कथित दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

