हाई कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज
प्रयागराज 22 दिसंबर (आरएनएस)। दूसरी शादी करने के लिए एसएसबी के एक जवान ने अपनी ही पत्नी के नाम से हाईकोर्ट में फर्जी रिट याचिका दाखिल कर दी। किसी अन्य महिला को उसे बनाकर हाईकोर्ट में खड़ा किया और रिट में बताया कि मैंने दूसरी शादी कर ली है और सुरक्षा चाहती हूं। इसका पता लगने पर एसएसबी जवान की पत्नी हाईकोर्ट में पेश हुई और बताया कि उसने कोई रिट दाखिल ही नहीं की। हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच कराई और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद सिविल लाइंस पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मऊ की रहने वाली रानी पाण्डेय की शादी 28 जनवरी 2016 को सम्राट पाण्डेय निवासी आजमगढ़ से हुई थी। पति सीमा सुरक्षा बल में हवलदार के पद पर तैनात है और मौजूदा समय में उनकी नियुक्ति झारखंड में है। रानी ने बताया कि मेरी दो बेटियां भी हुईं। मुझे दहेज और पुत्री जन्म देने को लेकर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताडि़त किया गया।
रानी का आरोप है कि 2022 में पति ने उसके साथ मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद ससुराल पक्ष ने उसे वापस ले जाने के बजाय, उससे पूरी तरह छुटकारा पाने की योजना बनाई। रानी के अनुसार, ससुराल पक्ष ने उसके नाम से इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक फर्जी रिट याचिका दाखिल कर दी, जिसमें बताया गया कि रानी पाण्डेय ने किसी अन्य व्यक्ति से दूसरी शादी कर ली है और उसके पति को सुरक्षा प्रदान की जाए।
रिट याचिका में महिला का नाम दर्ज किया गया, लेकिन फोटो किसी अन्य महिला की लगाई गई। साथ ही रिट याचिका और अधिवक्ता के वकालतनामे पर भी रानी पाण्डेय के फर्जी हस्ताक्षर किए गए। आरोप है कि आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया।
रानी का कहना है कि ससुराल पक्ष ने एक अज्ञात महिला को फोटो आइडेंटिफिकेशन सेंटर पर प्रस्तुत कर रानी पाण्डेय के रूप में पहचान करवाई, ताकि न्यायालय को गुमराह किया जा सके। मामले की जानकारी मिलने के बाद रानी पाण्डेय स्वयं उच्च न्यायालय इलाहाबाद में उपस्थित हुई और न्यायालय को बताया कि उसने कोई भी रिट दाखिल नहीं की है और उसके नाम से गंभीर फर्जीवाड़ा किया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट के निर्देश पर पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। एडीसीपी क्राइम जोगेंद्र लाल ने इस प्रकरण की विस्तृत जांच की। इसमें महिला के आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए। जांच रिपोर्ट पेश होने के बाद न्यायालय ने इस मामले में कार्रवाई का आदेश दिया। हाईकोर्ट के निर्देश और जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना सिविल लाइंस में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें पति, ससुर, सास, ननद, एक अज्ञात अधिवक्ता और फोटो आइडेंटिफिकेशन सेंटर पर रानी बनकर पहुंची महिला को आरोपी बनाया गया है।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

