तिरुनेलवेली,24 दिसंबर (आरएनएस)। तमिलनाडु में अपनी ही बेटी का यौन शोषण करने के मामले में नेल्लई पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने एक पिता को मौत की सजा सुनाई है. तिरुनेलवेली जिले के नांगुनेरी के रहने वाला 47 साल के एक मजदूर पर अपनी ही 14 साल की बेटी के साथ यौन शोषण करने का आरोप लगा है.
आरोप है कि, वह लगातार अपनी बेटी का यौन उत्पीडऩ करता था. बताया जा रहा है कि लड़की ने इस बारे में अपनी मां को बताया, लेकिन मां ने बेटी की एक नहीं सुनी. पिता की इस गंदी करतूत के कारण कुछ दिनों के बाद लड़की के शरीर में बदलाव दिखे. मां ने तुरंत अपनी बेटी को अस्पताल ले गई और डॉक्टर को दिखाया. डॉक्टरों ने लड़की की जांच की और पाया कि वह 7 महीने की प्रेग्नेंट है.
मां ने नांगुनेरी ऑल-वुमन पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में महिला ने बताया कि, उसके पति ने उसकी 14 साल की बेटी का यौन उत्पीडऩ किया है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया और लड़की के पिता को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया. डिस्ट्रिक्ट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस सिलंबरासन के गाइडेंस में नांगुनेरी ऑल-वुमन पुलिस स्टेशन ने कम समय में सबूत इक_ा करके कोर्ट में जमा कर दिए. यह ट्रायल तिरुनेलवेली पॉक्सो स्पेशल कोर्ट में जज सुरेश कुमार के सामने हुआ. पीडि़ता की तरफ से सरकारी वकील उषा ने मजबूत दलीलें पेश कीं. सात महीने तक चले ट्रायल के बाद आज (24 दिसंबर) दोपहर 12 बजे फैसला सुनाया गया.
केस की सुनवाई करने वाले जज, जस्टिस सुरेशकुमार ने फैसला सुनाते हुए कहा कि, जिस पिता को अपनी बेटी की रक्षा करनी चाहिए थी, उसने ऐसा घिनौना काम किया. यह समाज में माफ न करने लायक जुर्म है. जज ने कहा कि, यह पूरी तरह से साबित हो चुका है कि यह एक गंभीर सामाजिक जुल्म है. जज ने अपने फैसले में आरोपी को मौत की सजा सुनाई.
इसके अलावा, आरोपी पिता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. साथ ही जस्टिस सुरेशकुमार ने तमिलनाडु सरकार को पीडि़त लड़की को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया. इस बीच, अपराध के सिर्फ 7 महीने के अंदर आरोपी को मौत की सजा दिलाने वाले पुलिस अधिकारियों और सरकारी वकील की बहुत तारीफ हो रही है. यह भी कहा जा रहा है कि यह फैसला बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए एक कड़ी चेतावनी होगी.
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