जंगीपुर (मुर्शिदाबाद),24 दिसंबर (आरएनएस)। जंगीपुर सब-डिविजनल कोर्ट के जज ने मुर्शिदाबाद के समशेरगंज में हरगोबिंद दास और उनके बेटे चंदन दास की हत्या के लिए 13 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. जज ने उम्रकैद के साथ-साथ आरोपियों को पीडि़त परिवार को 15 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया. हालांकि, पीडि़त परिवार फैसले से खुश नहीं है. उन्होंने आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की थी.
इसी साल 12 अप्रैल को समशेरगंज में हरगोबिंद दास और उनके बेटे चंदन दास की हत्या कर दी गई थी. इससे पहले सोमवार को कोर्ट ने इस मामले में 13 लोगों को दोषी ठहराया था, जबकि मंगलवार को सजा सुनाई गई. फैसले के दिन जंगीपुर सब-डिविजनल कोर्ट के आसपास सुरक्षा के कड़े
बता दें कि इस साल अप्रैल में वक्फ मुद्दे पर अशांति के कारण समशेरगंज में अशांति फैल गई थी. यह हंगामा रघुनाथगंज थाने से फैला. बाद में इसका असर समशेरगंज तक पहुंच गया. पूरे इलाके में छिटपुट हिंसा भड़क गई. इसी माहौल के बीच जाफराबाद गांव में हरगोबिंद दास और उनके बेटे चंदन दास की बेरहमी से हत्या कर दी गई. अपराधियों ने उनके घर में घुसकर पिता-पुत्र की हत्या कर दी. घर में लूटपाट भी की गई. घटना में पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई.
इस घटना से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई. घटना के तुरंत बाद समशेरगंज पुलिस ने जांच शुरू कर दी. मामले की अहमियत और संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई। एसआईटी ने घटना में शामिल लोगों को एक-एक करके गिरफ्तार किया और कोर्ट में चार्जशीट पेश की.
गिरफ्तार किए गए लोगों में दिलदार नदाब, असमुल नदाब उर्फ कालू, एनजामुल हक उर्फ बबलू, जियाउल हक, फेकरुल शेख उर्फ महक, अजफारुल शेख उर्फ बिलाई, मोनिरुल शेख उर्फ मोनी, इकबाल शेख, नूरुल इस्लाम, सबा करीम, हजरत शेख, अकबर अली और यूसुफ शेख शामिल हैं.
जंगीपुर कोर्ट में इस केस की सुनवाई काफी देर तक चली. गवाही लेने, सबूतों की जांच करने और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने 13 आरोपियों को दोषी ठहराया. मंगलवार को फैसला सुनाए जाने के लिए इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था. फिलहाल शमशेरगंज इलाके में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के जवान भी मौजूद हैं.
इस बीच फैसला सुनाए जाने से पहले गिरफ्तार किए गए लोगों ने कोर्ट में लाए जाने पर दावा किया कि वे बेगुनाह हैं और उन्हें फंसाया गया है. हरगोबिंद दास और चंदन दास के परिवार कोर्ट के फैसले से खुश नहीं हैं.
वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को परिवार वालों के साथ कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. वहां उन्होंने कहा कि हरगोबिंद दास और चंदन दास की बेरहमी से हत्या की गई थी, इसलिए परिवार और बाकी सभी लोग चाहते हैं कि दोषियों को फांसी दी जाए. उन्होंने कट्टरपंथियों की पहचान करने की जरूरत पर जोर दिया और परिवार को भरोसा दिलाया कि सभी दोषियों को मौत की सजा दिलाने के लिए सभी का सपोर्ट रहेगा.
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