नई दिल्ली 30 Dec, (rns) : देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इस समय उड़ानों में कटौती के दौर से गुजर रही है और हालात को संभालने के लिए अब वह अपने पायलट्स को राहत देने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में कंपनी ने पायलट्स के भत्तों में बढ़ोतरी और कुछ नए भत्ते शुरू करने का फैसला किया है। ये सभी बदलाव 1 जनवरी से लागू होंगे।
इंडिगो ने घरेलू लेओवर, डेडहेड और नाइट अलाउंस जैसी श्रेणियों में मिलने वाले भत्तों के नियमों में संशोधन किया है। इसके साथ ही पहली बार टेल स्वैप अलाउंस भी शुरू किया जा रहा है। टेल स्वैप उस स्थिति को कहा जाता है, जब किसी पायलट को तय विमान के बजाय किसी दूसरे विमान की उड़ान संचालित करनी पड़ती है। अब तक इसके लिए कोई अतिरिक्त भत्ता नहीं मिलता था, लेकिन 1 जनवरी से यह सुविधा भी दी जाएगी।
कंपनी ने पायलट्स के अलग-अलग भत्तों में 25 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। पहले 10 घंटे 1 मिनट से 24 घंटे तक के घरेलू लेओवर पर कप्तान को 2000 रुपये मिलते थे, जो अब बढ़कर 3000 रुपये हो गए हैं। वहीं, इसी अवधि में फर्स्ट ऑफिसर का भत्ता 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया है।
24 घंटे से अधिक के हर अतिरिक्त समय के लिए अब कप्तान को 100 रुपये की जगह 150 रुपये और फर्स्ट ऑफिसर को 50 रुपये की जगह 75 रुपये मिलेंगे। नाइट अलाउंस में भी इजाफा किया गया है। अब प्रति रात घंटे के हिसाब से कप्तान को 2000 रुपये और फर्स्ट ऑफिसर को 1000 रुपये दिए जाएंगे।
डेडहेड अलाउंस में भी बढ़ोतरी की गई है। हर ब्लॉक घंटे के हिसाब से यह भत्ता कप्तान के लिए 3000 रुपये से बढ़कर 4000 रुपये और फर्स्ट ऑफिसर के लिए 1500 रुपये से बढ़कर 2000 रुपये कर दिया गया है। डेडहेड उस स्थिति को दर्शाता है, जब पायलट उड़ान संचालित करने के बजाय यात्री के रूप में एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करता है।
सूत्रों के अनुसार, ट्रांजिट के दौरान मिलने वाला भोजन भत्ता भी बढ़ाया गया है। अब कप्तान को 500 रुपये की जगह 1000 रुपये दिए जाएंगे। हालांकि, यह बढ़ोतरी नवंबर में एफडीटीएल नियमों के दूसरे चरण के लागू होने के बाद पायलट्स के भत्तों में की गई कटौती का लगभग 25 प्रतिशत ही मानी जा रही है।
हाल ही में हुए परिचालन व्यवधानों के बाद विमानन सुरक्षा नियामक डीजीसीए ने इंडिगो को 10 प्रतिशत उड़ानें कम करने के निर्देश दिए थे। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल के अनुसार, इंडिगो में इस समय कुल 5085 पायलट कार्यरत हैं। यह जानकारी उन्होंने 8 दिसंबर को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी थी। यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है, जब कुछ हफ्ते पहले इंडिगो के कई विमान ग्राउंड हो गए थे और एक ही दिन में लगभग 1600 उड़ानों को रद्द करना पड़ा था।

