बेंगलुरु ,31 दिसंबर (आरएनएस)। भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि और गर्व का पल लेकर आया। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (॥्ररु) ने अपने उन्नत लाइट हेलीकॉप्टर ‘ध्रुव-न्यू जनरेशनÓ (हृत्र) की पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली। बेंगलुरु में हुई यह टेस्टिंग भारतीय एयरोस्पेस इंडस्ट्री के लिए एक मील का पत्थर मानी जा रही है। एचएएल द्वारा डिजाइन और निर्मित ध्रुव-एनजी 5.5 टन वजनी, हल्का और ट्विन-इंजन वाला बहु-उद्देशीय हेलीकॉप्टर है।
यह उड़ान ध्रुव प्लेटफॉर्म को न केवल सैन्य बल्कि सिविल और निर्यात बाजारों में नई ताकत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसे भारतीय भौगोलिक परिस्थितियों, विशेषकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों और गर्म मौसम में उड़ान भरने की क्षमता को बरकरार रखते हुए अपग्रेड किया गया है। यह हेलीकॉप्टर मौजूदा ध्रुव प्लेटफॉर्म पर आधारित है, लेकिन इसमें सुरक्षा, प्रदर्शन, उड़ान की सुगमता और यात्रियों के आराम पर खास ध्यान दिया गया है।
ध्रुव-एनजी की असली ताकत इसका इंजन है। इसके केंद्र में दो ‘शक्ति 1॥1ष्टÓ इंजन लगे हैं, जो पूरी तरह स्वदेशी हैं। एचएएल के अनुसार, शक्ति इंजनों का इस्तेमाल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। ये इंजन ज्यादा पावर देते हैं और स्वदेशी होने के कारण देश के भीतर ही इनकी मेंटेनेंस और सपोर्ट की सुविधा मिलेगी, जिससे सिविल ऑपरेटरों के लिए लंबे समय तक चलने वाले खर्च में कमी आएगी।
नई जनरेशन के इस हेलीकॉप्टर को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इसमें सिविल सर्टिफाइड ग्लास कॉकपिट है जो एएस-4 मानकों पर खरा उतरता है। आधुनिक एवियोनिक्स और नेविगेशन सिस्टम पायलट को बेहतर स्थिति जागरूकता देते हैं और उनका काम आसान बनाते हैं। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इसमें क्रैशवर्थी सीटें (दुर्घटना सहने में सक्षम), सेल्फ-सीलिंग फ्यूल टैंक और ट्विन-इंजन सेटअप शामिल किया गया है।
अब ध्रुव-एनजी में आम नागरिक भी सफर कर सकेंगे। यात्रियों के आराम को ध्यान में रखते हुए इसमें ‘एडवांस्ड वाइब्रेशन कंट्रोल सिस्टमÓ लगाया गया है, जो उड़ान के दौरान कंपन को कम करता है। यह सुविधा विशेष रूप से वीआईपी ट्रांसपोर्ट और इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज (श्वरूस्) जैसे मिशनों के लिए इसे बेहद उपयोगी बनाती है।
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