लखनऊ ,01 जनवरी (आरएनएस)। बहुजन समाज पार्टी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं और पूर्व सांसद बहन कु. मायावती ने नववर्ष सन् 2026 के अवसर पर समस्त देशवासियों तथा दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों और उनके परिवारजनों को दिली मुबारकबाद दी है। उन्होंने सभी के सुख, शान्ति, समृद्धि, सुरक्षा तथा आत्म-सम्मान और स्वाभिमान से युक्त सौहार्दपूर्ण जीवन की शुभकामनाएं दी हैं।
बहन कु. मायावती ने कहा कि नया साल देश में सर्वसमाज के गरीबों और मेहनतकश लोगों, अर्थात् समस्त बहुजनों की दिन-प्रतिदिन की जिंदगी को नित्य नए नियम-कानूनों की कदम-कदम पर होने वाली जंजाल और जकडऩ से मुक्त करते हुए सहज और सरल बनाए। उन्होंने कहा कि यह वर्ष सभी के लिए खुशियां लेकर आए, यही कुदरत से कामना है और यही राजनीतिक व सामाजिक जीवन में बहुजन समाज के लिए अपने थोड़े अच्छे दिनों की दिशा में जारी संघर्ष का भी उद्देश्य है।उन्होंने कहा कि विशाल जनसंख्या वाले भारत और आबादी के लिहाज से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज आज भी अपार गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से त्रस्त जीवन जी रहा है। ऐसे में बहुप्रचारित विकास का लाभ कल्याणकारी संविधान की भावना के अनुसार केवल कुछ मु_ी भर लोगों तक सीमित न रहकर सभी अति-जरूरतमंदों तक सही तरीके से पहुंचे, तभी वास्तविक और न्यायपूर्ण विकास संभव होगा। इसके लिए सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों के माध्यम से प्रति व्यक्ति विकास दर को मजबूती प्रदान कर उसे बेहतर बनाने की सख्त जरूरत है, ताकि आमजन के भी थोड़े अच्छे दिन आ सकें।बहन कु. मायावती ने कहा कि संवैधानिक मान्यताओं के अनुरूप कानून के राज की स्थापना हर स्तर पर जरूरी है। इसके लिए हर प्रकार के द्वेष, घृणा और नफरती हिंसा से समाज को मुक्त कराने के उद्देश्य से आपराधिक और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध बिना किसी पक्षपात और भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि नए साल में लोग वास्तविक बदलाव को महसूस कर सकें और देशभर में खासकर घृणा व नफरती तनाव और हिंसा का जो माहौल बनाने का षड्यंत्र जारी है, उसका देश और जनहित में अंत हो।उन्होंने कहा कि इसके लिए खासकर सत्ताधारी दल तथा केंद्र और राज्य सरकारों को भारत की विशिष्ट संवैधानिक पहचान ‘अनेकता में एकताÓ और ‘सर्व धर्म समभावÓ के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करना होगा। सभी धर्मों को समान सम्मान तथा प्रत्येक नागरिक के जान-माल और मजहब की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित किए बिना देश में बहुप्रतीक्षित समतामूलक विकास संभव नहीं है। विकास ऐसा होना चाहिए जो अमीरी-गरीबी की खाई को और बढ़ाने वाला न होकर समाज के हर वर्ग की तरक्की सुनिश्चित करे।बहन कु. मायावती ने कहा कि यदि देश इन संवैधानिक मूल्यों और सिद्धांतों पर चलेगा, तभी वह विश्व स्तर पर पथ-प्रदर्शक बन सकेगा, जिसका लाभ देश-दुनिया में रहने वाले सभी भारतीयों को मिलेगा और पड़ोसी देशों के साथ भी संबंध बेहतर होकर आमजन के जीवन को और बेहतर बनाएंगे।केंद्र सरकार से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को हीन या बोझ समझने के बजाय मानव संपदा मानकर उन पर निवेश करने की नीति बनाई जानी चाहिए। इससे देश की वास्तविक संपत्ति का विकास संभव होगा। उन्होंने कहा कि केवल बड़े उद्योगपतियों और धन्नासेठों की तिजोरियां भरने से अरबपतियों और खरबपतियों की संख्या तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन गरीब बहुजन समाज का जीवन आज भी मु_ी भर सरकारी अन्न और सहायता का मोहताज बनकर लाचार और मजबूर बना हुआ है।बहन कु. मायावती ने कहा कि नए साल में देश और जनहित से जुड़े इन अति-जरूरी मुद्दों पर यदि सही नीयत और नीति के साथ ईमानदार प्रयास किए जाएं तो यही नववर्ष का सच्चा संदेश होगा। साथ ही यह भी जरूरी है कि चुनाव जनमत से अधिक जुगाड़ का तंत्र बनकर न रह जाएं, क्योंकि यही लोकतंत्र और देशहित में उचित है।
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