लखनऊ 2 जनवरी (आरएनएस )। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश शासन के ग्राम्य विकास विभाग ने महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (एमकेएसवाई) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बड़ी वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। भारत सरकार द्वारा जारी केन्द्रांश के सापेक्ष राज्यांश की धनराशि को सम्मिलित करते हुए कुल 9 करोड़ 99 लाख 60 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह धनराशि एसएनए स्पर्श प्रणाली के माध्यम से अनुदान संख्या-83 के अंतर्गत जारी की गई है।शासनादेश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के तहत एसएनए स्पर्श मॉड्यूल में भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मदर सैंक्शन के सापेक्ष अनुदान संख्या-83 (अनुसूचित जाति मद) के मानक मद-27 सब्सिडी के अंतर्गत केन्द्रांश के रूप में 5 करोड़ 99 लाख 76 हजार रुपये तथा राज्यांश के रूप में 3 करोड़ 99 लाख 84 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस प्रकार कुल 9 करोड़ 99 लाख 60 हजार रुपये की धनराशि आयुक्त, ग्राम्य विकास के निवर्तन पर रखे जाने एवं व्यय किए जाने की अनुमति दी गई है। इस संबंध में आवश्यक शासनादेश ग्राम्य विकास विभाग द्वारा निर्गत कर दिया गया है।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं गाइडलाइन के अनुरूप समय से किया जाए। उन्होंने कहा है कि धनराशि के व्यय में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी और योजनाओं का लाभ लक्षित वर्ग तक हर हाल में समय पर पहुंचना चाहिए।जारी शासनादेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि धनराशि का कोषागार से आहरण एकमुश्त न करते हुए आवश्यकता के अनुसार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। आहरण एवं व्यय की प्रक्रिया योजना से संबंधित दिशा-निर्देशों तथा समय-समय पर जारी शासनादेशों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएगी। स्वीकृत धनराशि के विरुद्ध निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति, उनके परीक्षण और सत्यापन की जिम्मेदारी आयुक्त, ग्राम्य विकास एवं मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की होगी।इसके साथ ही स्वीकृत धनराशि के नियम संगत व्यय तथा निर्धारित प्रारूप पर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करने का दायित्व भी आयुक्त, ग्राम्य विकास एवं मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को सौंपा गया है। शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि धनराशि के आहरण और व्यय के दौरान मितव्ययिता से संबंधित वित्तीय नियमों एवं समय-समय पर जारी शासनादेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जामहिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के अंतर्गत दी गई यह वित्तीय स्वीकृति ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की कृषि आधारित आजीविका को सशक्त बनाने, आत्मनिर्भरता बढ़ाने और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

