प्रयागराज 2 जनवरी (आरएनएस )। को माघ मेला परिसर में श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान द्वारा आयोजित सेवा शिविर का उद्घाटन नेता विरोधी दल विधानसभा माता प्रसाद पांडेय द्वारा किया गया। इस अवसर पर समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। शिविर का उद्देश्य माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सेवा सुविधाएं उपलब्ध कराना और श्रद्धेय नेताजी के समाजवादी विचारों को आगे बढ़ाना रहा।शिविर संचालन कर रहे संस्था अध्यक्ष एवं इलाहाबाद शहर उत्तरी से पूर्व प्रत्याशी संदीप यादव ने बताया कि इससे पूर्व कुंभ मेला के दौरान श्रद्धेय नेताजी मुलायम सिंह यादव की मूर्ति स्थापित की गई थी, किंतु माघ मेले में प्रशासन द्वारा मूर्ति स्थापित करने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मूर्ति स्थापना से जुड़े प्रयासों के चलते प्रशासन ने उनके विरुद्ध फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए, जो पूरी तरह अनुचित और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं।उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में माता प्रसाद पांडेय ने श्रद्धेय नेताजी के जीवन से जुड़े अनेक संस्मरण साझा करते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव का पूरा जीवन संघर्ष, समाजवाद और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा। उन्होंने संदीप यादव के खिलाफ की गई प्रशासनिक कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के विरुद्ध है।समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने भी प्रशासन के निर्णय को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय नेताजी केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं का प्रतीक हैं और उनकी मूर्ति न लगाने का फैसला समाजवादी विचारधारा का अपमान है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर शिविर उद्घाटन के उपरांत राधा और भगवान कृष्ण की मूर्तियों की विधिवत पूजा कर माघ मेला स्थल पर शिविर का शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम में विधायक हाकिम लाल बिंद, विधायक विजमा यादव, विधायक गीता पासी, विधान परिषद सदस्य मान सिंह यादव, संदीप पटेल तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव लल्लन राय की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। बड़ी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता और श्रद्धालु भी शिविर उद्घाटन के साक्षी बने।समाजवादी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव के विचार और संघर्ष किसी प्रशासनिक रोक से सीमित नहीं किए जा सकते और समाजवादी आंदोलन उनके सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ता रहेगा।
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