प्रयागराज सोरांव तहसील में फर्जी रजिस्ट्री पर मुकदमा
प्रयागराज 2 जनवरी (आरएनएस )। सोरांव तहसील में जमीन के नाम पर एक महिला से 8 लाख 80 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कराई गई, जिसके बाद पीडि़ता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भुवन प्रथाना होलगढ़ निवासिनी सोना देवी के पति सिलाई का काम करते हैं। मई 2025 में उनके गांव का अल्ताफ अली उर्फ भोला उनके घर आया और कृषि कार्य के लिए जमीन दिलाने की बात कही। परिवार की जरूरतों को देखते हुए सोना देवी ने जमीन खरीदने की इच्छा जताई। इसके बाद अल्ताफ अली, मो. शमीम को लेकर सोना देवी के घर आया और उनके पति को जमीन दिखाने ले गया। जमीन पसंद आने पर अल्ताफ अली ने तुरंत 40,000 रुपये बयाना देने को कहा, यह बताते हुए कि मो. शमीम को दवा के लिए पैसों की सख्त जरूरत है।
अल्ताफ अली की बात पर विश्वास करते हुए, सोना देवी ने अनिल कुमार की उपस्थिति में 40,000 रुपये नकद बयाना के तौर पर दिए। जमीन का कुल मूल्य 8 लाख 80 हजार रुपये तय हुआ था। बयाना राशि देने के बाद, सोना देवी के पति ने अल्ताफ अली के साथ मिलकर अधिवक्ता रामराज से जमीन के कागजात की जांच करवाई। लगभग 7-8 दिन बाद अधिवक्ता रामराज ने बताया कि जमीन के कागजात ठीक हैं और उनमें कोई त्रुटि नहीं है।
अधिवक्ता रामराज के आश्वासन के बाद, सोना देवी ने तयशुदा धनराशि में से बकाया 8 लाख 40 हजार रुपये का भुगतान किया। इसके बाद, 22 मई 2025 को आराजी संख्या 24, रकबा 0.2976 हेक्टेयर में मो. शमीम के वैधानिक अंश 1/4 यानी 0.0744 हेक्टेयर का बैनामा पंजीकृत कराया गया। इस रजिस्ट्री के लिए सोना देवी के पति ने ग्रामीण बैंक ऑफ बड़ौदा, होलागढ़ शाखा से 5 लाख 30 हजार रुपये का ऋण भी लिया। इस प्रकार, पीडि़ता की पूरी जमापूंजी के साथ-साथ बैंक का कर्ज भी इस जमीन की खरीद में लग गया।
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