लखनऊ/अहमदाबाद 8 जनवरी (आरएनएस ) । नगर निगम लखनऊ ने नॉलेज एक्सचेंज एवं कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम के तहत अहमदाबाद में नगर ठोस अपशिष्ट से विद्युत उत्पादन परियोजना का अध्ययन और स्थलीय निरीक्षण किया। इस अध्ययन यात्रा का उद्देश्य आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन तकनीकों को समझना और उन्हें लखनऊ में लागू करने की संभावनाओं का आकलन करना था।इस अवसर पर नगर निगम लखनऊ का प्रतिनिधिमंडल माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में अहमदाबाद पहुंचा। निरीक्षण दल में उपाध्यक्ष श्रीमती चरनजीत गांधी, पार्षद दल के उपनेता सुशील तिवारी ‘पम्मीÓ, कई माननीय पार्षदगण, अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अहमदाबाद नगर निगम द्वारा संचालित संयंत्र का विस्तृत अवलोकन किया, जिसमें प्रतिदिन लगभग 1000 मीट्रिक टन नगर ठोस अपशिष्ट से विद्युत ऊर्जा का उत्पादन किया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि इस संयंत्र में म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट से तैयार आरडीएफ (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल) का उपयोग किया जाता है। मार्टिन रिवर्स ग्रेट फायरिंग तकनीक के माध्यम से बॉयलर में अपशिष्ट का सुरक्षित दहन किया जाता है, जिससे प्रति घंटे लगभग 65 टन भाप उत्पन्न होती है। इस भाप से 15 मेगावाट क्षमता की टरबाइन चलाई जाती है और विद्युत ऊर्जा का उत्पादन होता है।यह परियोजना पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित की गई है। इसकी अनुमानित लागत लगभग 375 करोड़ रुपये है और यह संयंत्र करीब 14 एकड़ भूमि में स्थापित है। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना न केवल कचरे के वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण में सहायक है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और सतत विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।नगर निगम लखनऊ ने इस अवसर का उपयोग लखनऊ में वेस्ट टू वेल्थ आधारित सस्टेनेबल मॉडल विकसित करने के लिए किया। प्रतिनिधिमंडल ने तकनीक, लागत, संचालन और पर्यावरणीय लाभों का गहन अध्ययन किया। साथ ही, कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम के तहत कार्बन क्रेडिट क्लेम से जुड़ी संभावनाओं पर भी विचार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने पर नगर निगम को प्रतिवर्ष लगभग 1.5 से 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की संभावना है।नगर निगम के अधिकारियों ने इस पहल को न केवल पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया, बल्कि इसे लखनऊ में आर्थिक और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने वाली एक मॉडल परियोजना के रूप में देखा।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

