धमतरी 16 मई (आरएनएस) “पुलिस लाइन धमतरी में जब वर्दीधारी अफसर बच्चों के सपनों के साथी बने तो माहौल सिर्फ एक कार्यक्रम का नहीं बल्कि भविष्य गढ़ने वाले प्रेरणादायी मिशन का बन गया, जहां बच्चों को बताया गया कि असफलता अंत नहीं बल्कि सफलता की सबसे बड़ी सीढ़ी है।” धमतरी पुलिस ने पुलिस परिवार के बच्चों और मेधावी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य को नई दिशा देने के लिए एक अनूठी पहल करते हुए पुलिस लाइन धमतरी में विशेष कैरियर गाइडेंस, मोटिवेशन और मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे बच्चों को प्रेरित करना था जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और जीवन में कुछ बड़ा हासिल कर देश और समाज के लिए योगदान देना चाहते हैं। कार्यक्रम में पुलिस परिवार के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और अधिकारियों से सीधे संवाद कर अपने भविष्य को लेकर सवाल पूछे। इस दौरान बच्चों को विभिन्न कैरियर विकल्पों, प्रतियोगी परीक्षाओं, व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और सफलता के मूल मंत्रों की जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवा ही देश का भविष्य हैं और एक अच्छा नागरिक बनने के लिए सबसे पहले मजबूत चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण जरूरी है। उन्होंने बच्चों को असफलताओं से न डरने की सीख देते हुए कहा कि जिस विषय से डर लगे उसी पर सबसे ज्यादा मेहनत करनी चाहिए क्योंकि संघर्ष ही इंसान को मजबूत बनाता है। एसपी ने बच्चों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाते हुए नियमित वॉकिंग, रनिंग, साइक्लिंग और अनुशासित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान जब अधिकारियों ने बच्चों से उनके सपनों के बारे में पूछा तो किसी ने कलेक्टर बनने की इच्छा जताई, किसी ने डॉक्टर, प्रोफेसर, सर्जन और आर्म्ड फोर्सेस में अधिकारी बनने का सपना साझा किया। इस पर अधिकारियों ने बच्चों को लक्ष्य के प्रति समर्पण, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच बनाए रखने की प्रेरणा दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि पढ़ाई और सीखने की कोई सीमा नहीं होती, इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। वहीं नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी ने बच्चों को अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताते हुए सफल लोगों के अनुभवों से सीख लेने और अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन्हें दूर करने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने प्रतियोगी परीक्षाओं, पढ़ाई और करियर से जुड़े सवाल खुले मन से अधिकारियों के सामने रखे, जिनका समाधान बेहद सरल और प्रेरणादायक अंदाज में किया गया। धमतरी पुलिस ने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में स्टूडेंट पुलिस कैडेट यानी SPC कार्यक्रम के जरिए सामान्य नागरिकों के बच्चों के लिए भी ऐसे कैरियर गाइडेंस और मोटिवेशन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं और जीवन में निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। बहरहाल, धमतरी पुलिस की यह पहल सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि उन सपनों को उड़ान देने की कोशिश बन गई है जो अक्सर संसाधनों की कमी में दब जाते हैं, क्योंकि सही मार्गदर्शन मिलने पर छोटे शहरों के बच्चे भी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।


