महर्षि भरद्वाज प्रयागराज के धरोहर- जिलाधिकारी
प्रयागराज 8 जनवरी (आरएनएस)। भारद्वाज जयंती प्रयागराज दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी प्रयागराज ने कहा कि महर्षि भारद्वाज प्रयागराज की पहचान है। प्रयागराज के सम्मान के लिए शासन प्रशासन कटिबंध है। पर्यटन और अन्य दृष्टि से जो भी संभव होगा यहां के तीर्थ का विकास किया जाएगा।
साधु संतों और प्रबुद्ध जनों ने प्रयागराज को तीर्थ क्षेत्र घोषित करने संगम से 5 कोस परिधि में सार्वजनिक रूप से मांस मदिरा पर पाबंदी के मामले को सकारात्मक रूप से लेने की भी बात कही। महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत यमुना पुरी ने कहा कि महर्षि भारद्वाज की पूजा के बिना प्रयागराज का पुण्य नहीं।
मनकामेश्वर मंदिर के महंत श्रीधरानंद महाराज ने कहा कि प्रयागराज में महर्षि भारद्वाज प्रथम गुरु उनकी पूजा आवश्यक है। बैकुंठ धाम के महंत श्रीधराचार्य ने कहा कि महर्षि भारद्वाज महान गुरु थे जिनके 10000 शिष्य थे इसी क्षेत्र में उनका विश्वविद्यालय था पहले कुलपति कहलाए। इस वैष्णव क्षेत्र में सार्वजनिक रूप से मानस मंदिर की बिक्री हम संतो को कष्ट देता है। सरकार हम संतों की वाणी पर विचार करें। प्रयागराज विद्वत परिषद के संयोजक वीरेंद्र पाठक ने महर्षि भारद्वाज के बारे में विस्तार से बताया।
भीषण ठंड में,प्रयागराज विद्वत् परिषद के तत्वावधान में महर्षि भारद्वाज जयंती प्रयागराज दिवस धूमधाम से मनाया गया। बड़ी संख्या में साधु संत प्रबुद्ध जन प्रयागराज के प्रथम गुरु महर्षि भारद्वाज को पुष्पांजलि करने जुटे।
माघ मास की पंचमी को प्रयागराज के प्रथम ज्ञात महान गुरु महर्षि भारद्वाज जिन्होंने हवा में उडऩे वाले यंत्र का आविष्कार किया था। माघ मेले के प्रवर्तक थे। जयंती पर सुबह सवेरे माल्यार्पण कर उनके कार्यों को याद किया गया।
महर्षि भारद्वाज जी के जन्मोत्सव के दिन ही प्रयागराज दिवस मनाया जाता है। जिला प्रशासन की ओर से डीएम, सहित प्रबुद्ध जनों ने पुष्पांजलि अर्पित की। पुलिस बैंड व लोक कलाकारों ने शोभायात्रा में समा बांधा। जगह-जगह भरद्वाज जी की आरती व पुष्प वर्षा की गयी।
महर्षि भारद्वाज की प्रतिमा की शोभायात्रा संगम पहुंची जहां गंगा पूजन किया गया।
संचालन डा प्रभाकर त्रिपाठी ने किया। समारोह में महन्त श्रीधरानन्द, महन्त यमुनापुरी सचिव महानिर्वाणी अखाड़ा , जगदगुरू श्रीधराचार्य वैकुण्ठ धाम, नित्यनाथाचार्य जी, चन्द्र देव जी सच्चा आश्रम, राधामाधव दास, जगदगुरू नारायणा शांडिल्य गुरू संयोजक वीरेन्द्र पाठक, प्रो देवदत्त सरोदे प्रो आर एस पाण्डेय, अभिषेक मिश्र, आशुतोष शुक्ल, ब्रजेन्द्र मिश्र, शशिकांत मिश्र विक्रम मालवीय, धीरज द्विवेदी, शैलेंद्र अवस्थी, डा प्रमोद शुक्ला, राहुल दुबे, डा श्रवण कुमार मिश्र संदीप शर्मा, अनिल मिश्र, अन्नू घिल्डियाल सभासद, रत्नेश मिश्र, कुलदीप सिंह, रघुनाथ द्विवेदी, डा रंजन बाजपेई, नीरज दीक्षित शार्दुल श्रीवास्तव आदि पुष्पांजलि में शामिल रहे।
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