लखनऊ 9 जनवरी (आरएनएस )। महिला सुरक्षा को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई। पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिला हेल्प डेस्क कर्मियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 9 जनवरी 2026 को डालीगंज स्थित कमिश्नरेट कार्यालय में किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार के मार्गदर्शन में, पुलिस उपायुक्त महिला अपराध एवं सुरक्षा ममता रानी चौधरी के नेतृत्व तथा सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध सौम्या पाण्डेय के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया गया। पहला सत्र प्रात: 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक तथा दूसरा सत्र दोपहर 1 बजे से अपराह्न 2:30 बजे तक चला। इसमें लखनऊ कमिश्नरेट के सभी थानों से 100 से अधिक महिला हेल्प डेस्क कर्मियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिला पीडि़ताओं को अधिक संवेदनशील, भरोसेमंद और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कर्मियों के कानूनी ज्ञान, व्यवहारिक कौशल और मनोवैज्ञानिक समझ को सुदृढ़ करना रहा।प्रशिक्षण के दौरान महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें दहेज से संबंधित अपराध, पति द्वारा क्रूरता, यौन उत्पीडऩ, भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों तथा पॉक्सो अधिनियम की जानकारी दी गई। साथ ही शिकायत दर्ज करने की संवेदनशील प्रक्रिया, पीडि़ता से संवाद स्थापित करने की कला, विश्वास अर्जित करने, एफआईआर अथवा एनसीआर दर्ज करते समय सावधानियों और आपातकालीन सहायता प्रक्रिया पर विशेष बल दिया गया।मनोवैज्ञानिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण में आघात से गुजर रही महिला पीडि़ताओं को मनोवैज्ञानिक प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने के तरीकों की भी जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त महिला कल्याण विभाग, चाइल्डलाइन, वन-स्टॉप सेंटर सखी, विधिक सेवा प्राधिकरण जैसे संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की प्रक्रिया पर चर्चा की गई, ताकि पीडि़ताओं को त्वरित और समग्र सहायता मिल सके। तकनीकी दृष्टि से कर्मियों को हेल्पलाइन सॉफ्टवेयर, शिकायत ट्रैकिंग सिस्टम और सोशल मीडिया के सकारात्मक एवं जिम्मेदार उपयोग के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया। महिला हेल्प डेस्क पर प्राप्त शिकायतों के सुव्यवस्थित डाटा प्रबंधन और नियमित रिपोर्टिंग को भी प्रशिक्षण का अहम हिस्सा बनाया गया।वरिष्ठ अधिकारियों ने महिला हेल्प डेस्क कर्मियों को यह संदेश दिया कि उनकी भूमिका केवल एक शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें पीडि़त महिलाओं के लिए मित्र, मार्गदर्शक और सहायक की भूमिका निभानी है। अधिकारियों ने कहा कि महिला हेल्प डेस्क महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय की आशा का प्रतीक हैं और इन्हें पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संचालित किया जाना चाहिए।लखनऊ पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही इस वर्ष प्रत्येक थाने की महिला हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली का ऑडिट और निगरानी के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम लखनऊ पुलिस की उस निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत एक ऐसा सुरक्षित वातावरण निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां महिलाएं निर्भय होकर और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सकें। मिशन शक्ति के माध्यम से पुलिस बल के भीतर संवेदनशीलता और दक्षता का एक नया मानक स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

