भदोही लखनऊ 9 जनवरी (आरएनएस )। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री तथा जनपद भदोही के प्रभारी मंत्री ए.के. शर्मा ने कलेक्ट्रेट सभागार में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) — विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने इस नए अधिनियम को ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश वर्ग के जीवन में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन आएगा।प्रेस वार्ता में ए.के. शर्मा ने बताया कि इस अधिनियम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने, पलायन रोकने और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगा। यह कदम सरकार की ग्रामीण समाज के प्रति संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
मंत्री ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बेरोजगारी भत्ता अब केवल कागजी प्रावधान न रहकर एक वास्तविक और प्रभावी कानूनी अधिकार बन गया है। पूर्ववर्ती महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम में अनेक शर्तों और जटिलताओं के कारण बेरोजगारी भत्ता मिल पाना लगभग असंभव था, जबकि नए अधिनियम में सभी अनावश्यक प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। अब यदि किसी श्रमिक द्वारा कार्य की मांग किए जाने के बाद निर्धारित समय के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता स्वत: देय होगा।उन्होंने यह भी बताया कि मजदूरी भुगतान की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। यदि किसी कारणवश मजदूरी के भुगतान में विलंब होता है, तो प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा मजदूरी के साथ श्रमिक को दिया जाएगा। इससे श्रमिकों के शोषण पर रोक लगेगी और उन्हें उनके परिश्रम का पूरा लाभ समय पर मिल सकेगा।ए.के. शर्मा ने कहा कि इस अधिनियम के अंतर्गत विकास कार्यों की योजना अब ऊपर से थोपे जाने के बजाय ग्राम स्तर पर ही तय की जाएगी। ग्राम सभा के माध्यम से ग्राम पंचायतें अपनी ‘विकसित ग्राम पंचायत योजनाÓ तैयार करेंगी, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य होगी। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन होगा और गांवों का समग्र एवं संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार के अवसरों का विस्तार करने और सामाजिक-आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।प्रेस वार्ता के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, सांसद डॉ. विनोद बिंद, पूर्व विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी, जिलाधिकारी शैलेश कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक, मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
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