जौनपुर,10 जनवरी (आरएनएस)। मंत्री नगर विकास, शहरी समग्र विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग, उत्तर प्रदेश एवं जनपद के प्रभारी मंत्री एके शर्मा द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन अधिनियम के संबंध में कहा कि इससे ग्रामीण श्रमिकों, किसानों एवं मेहनतकश वर्ग के जीवन में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन आएगा। यह अधिनियम ग्रामीण समाज को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। बताया कि अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यह निर्णय ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करने, ग्रामीण क्षेत्रों से हो रहे पलायन को रोकने तथा स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने में अत्यंत सहायक होगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की ग्रामीण समाज के प्रति संवेदनशीलता और मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता बेरोजगारी भत्ता को एक वास्तविक और प्रभावी कानूनी अधिकार बनाना है। पूर्ववर्ती मनरेगा अधिनियम में अनेक शर्तों के कारण बेरोजगारी भत्ता मिल पाना कठिन था, जबकि नए अधिनियम में अनावश्यक प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है। अब यदि श्रमिक द्वारा कार्य की मांग के बावजूद समय से रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता स्वत: देय होगा। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार खेल एवं युवा कल्याण गिरीश चन्द्र यादव, सांसद राज्यसभा श्रीमती सीमा द्विवेदी, विधायक शाहगंज रमेश सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह ,ÓÓ, विधायक मडिय़ाहॅू डा0 आरके पटेल जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र, आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
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