नईदिल्ली,11 जनवरी। रिलायंस जियो की वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही तक अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की योजना है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की हालिया वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने जून, 2026 तक रिलायंस जियो के शेयरों को सूचीबद्ध करने की घोषणा की। विभिन्न निवेश बैंकों के अनुसार, इसका अनुमानित मूल्यांकन 130-170 अरब डॉलर (करीब 11,700-15,300 अरब रुपये) के बीच है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कंपनी अपनी 2.50 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस जियो का आईपीओ लगभग 4 अरब डॉलर (करीब 360 अरब रुपये) का होने की उम्मीद है, जो भारतीय प्राथमिक बाजार के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा निर्गम होगा। मुकेश अंबानी ने एजीएम में घोषणा की कि कंपनी का लक्ष्य भारतीय बाजार प्राधिकरणों से सभी आवश्यक नियामक स्वीकृतियां प्राप्त होने के बाद 2026 की पहली छमाही में जियो को सूचीबद्ध करना है। इसलिए, आईपीओ के जून तक बाजार में आने की उम्मीद है।
बिगुल के अनुसार, रिलायंस जियो आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम 93 रुपये प्रति शेयर है। इसका मतलब है कि कंपनी के शेयर ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइलिंग से काफी पहले ही ग्रे मार्केट में उपलब्ध हैं। बोनान्जा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी ने कहा, घोषित 130-170 अरब डॉलर के मूल्यांकन दायरे के आधार पर और खुदरा निवेशकों को 15-20 फीसदी की छूट मानते हुए आईपीओ के शेयर की अपेक्षित कीमत 1,048-1,457 रुपये/शेयर के बीच रहने की संभावना है।
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