मेरठ 11 जनवरी (आरएनएस)। प्रदेश सरकार में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि भारत की आत्मा गांव में बसती है और गांव की आत्मा मजदूर, किसान और मेहनतकश परिवारों में बसती है। कांग्रेस ने श्रमिकों को सिर्फ मजदूर बनाने तक ही सीमित रखा, जबकि मोदी सरकार उन्हें राष्ट्र निर्माण में सहयोगी बना रही है। श्रमिक वास्तविक रूप से राष्ट्र निर्माण कर रहे हैं। वे रविवार को एसजीम गार्डन में आयोजित प्रेस वार्ता में विकसित भारत-जीरामजी कानून का लाभ बता रहे थे।
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार में मनरेगा का क्या हाल था, यह किसी से छिपा नहीं है। कांग्रेस सरकार में मजदूर को कभी सम्मान नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में देखा गया। मनरेगा का काम निराशाजनक रहा। फर्जी जाबकार्ड बनाकर फर्जी भुगतान किया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को यह चिंता रहती है कि श्रमिक का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए।
अब हर ग्रामीण परिवार को वर्ष में 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। मजदूर की मेहनत का मूल्य साप्ताहिक भुगतान के रूप में, सीधे उसके बैंक खाते में समय में पहुंच जाएगा। बुवाई-कटाई के महत्वपूर्ण 60 दिनों के लिए कार्य विराम का प्रविधान किया गया है, ताकि किसानों को समय पर मजदूर उपलब्ध हों और खेती की गति कभी न रुके। रियल टाइम डैशबोर्ड से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकान्त बाजपेयी, सांसद अरुण गोविल, पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, जिला अध्यक्ष हरवीर पाल, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज, कमल दत्त शर्मा रहे। वहीं आयोजन में कार्यक्रम संयोजक संजय त्रिपाठी, सहसंयोजक प्रवेश गूमी, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा, मीडिया प्रभारी अमित शर्मा, महामंत्री अरविंद गुप्ता मारवाड़ी, महामंत्री महेश बाली, जयकरण गुप्ता, आशीष सिंह, कुलदीप तोमर, हर्ष गोयल, चरण सिंह लिसाड़ी, देवेन्द्र गुर्जर का सहयोग रहा।
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