देहरादून,11 जनवरी (आरएनएस)। भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) के 82 वर्षीय रिटायर वरिष्ठ वैज्ञानिक साइबर ठगों के जाल में फंस गए। गूगल पर जी-पे ठीक करने का तरीका खोजना बुजुर्ग को भारी पड़ गया। ठगों ने उनके मोबाइल का एक्सेस लेकर खाते से करीब 3.49 लाख रुपये उड़ा लिए। शिकायत पर नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने शनिवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीडि़त के बेटे संजय सेमवाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता डॉ. प्रेम बल्लभ सेमवाल नत्थनपुर, जोगीवाला में रहते हैं। 15 दिसंबर को उनका जी-पे खाता डिएक्टिवेट हो गया था। समस्या सुलझाने के लिए उन्होंने 23 दिसंबर को गूगल पर सर्च किया। इसके कुछ ही देर बाद एक व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई। कॉलर ने खुद को एसबीआई बैंक अधिकारी चंद्रा बताया और मदद के बहाने एक एपीके फाइल भेजकर मोबाइल में इंस्टॉल करवा दी। फाइल डाउनलोड होते ही ठग ने मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया और खुद का खाता पीडि़त के बैंक खाते में जोड़ दिया। इसके बाद तीन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 3,49,000 रुपये निकाल लिए। एसओ नेहरू कॉलोनी संजीत कुमार ने बताया कि शिकायत पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
फोन पर झांसे में ले लगाया एक लाख रुपये का चूना : हरीश चंद निवासी सोडा सरोली, रायपुर को साइबर ठगों ने फंसाया। बीते सात से 13 दिसंबर के बीच साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से 1.04 लाख रुपये निकाल लिए। एसओ रायपुर गिरीश नेगी ने बताया कि शिकायत पर शनिवार को साइबर ठगों की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
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