प्रयागराज 11 जनवरी (आरएनएस)। गंगा पुत्र भीष्म की जन्म जयंती की पूर्व संध्या पर गंगा रक्षा संकल्प दिवस का भव्य आयोजन हुआ। पितामह भीष्म मां गंगा के पुत्र थे, और उनकी प्रतिज्ञा जग प्रसिद्ध है, इसलिए उनके जन्मदिन को गंगा समग्र ‘गंगा रक्षा संकल्प दिवसÓ के रूप में मनाता है।
गंगा रक्षा संकल्प दिवस के इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. सत्य पाल तिवारी, निदेशक मानविकी विद्या शाखा, उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज तथा मुख्य वक्ता के रूप में संजय, क्षेत्रीय संगठन मंत्री गंगा समग्र एवं अध्यक्षता गंगा समग्र काशी प्रांत के संयोजक राकेश मिश्र ने किया।
मुख्य अतिथि सत्य पाल तिवारी ने कहा कि गंगा एक संस्कृति है यह संपूर्ण विश्व का प्राण है। मां गंगा ताप नाशिनी, पाप नाशिनी व मोक्षदायनी है। यदि गंगा नहीं तो हिंदुत्व नहीं और यदि हिंदुत्व नहीं तो हिंदू नहीं, इसलिए गंगा की अविरलता व निर्मलता अति आवश्यक है।
मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए संजय ने कहा कि सभी वेदों व पुराणों में मां गंगा का वर्णन आया है। गंगा का धरती पर अवतरण सगर के पुत्रों व संसार के समस्त प्राणियों के पापों का नाश कर उन्हें मोक्ष प्रदान करने के लिए हुआ है। प्रांत संयोजक राकेश ने इस अवसर पर उपस्थित गंगा भक्तों को ‘गंगा रक्षा संकल्पÓ कराया।
धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्रवण मिश्र, संयोजक गंगा समग्र प्रयाग उत्तर तथा कार्यक्रम का संचालन शैलेश मिश्र, संयोजक, गंगा समग्र गंगा पार ने किया। इस कार्यक्रम में सुश्री दिव्या, श्रीमती नीलम, आलोक, अजय, राजेश, अम्बरीष, विश्व प्रताप, शिवजी, संजय सहित बहुत अधिक संख्या में गंगा भक्त उपस्थित रहे।
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