सुलतानपुर 12 जनवरी (आरएनएस )। बच्चों को अक्सर सुनना पड़ता है कि पढ़ोगे-लिखोगे… बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे… बनोगे गंवार। लेकिन बदलते दौर के साथ स्कूलों में इस क्षेत्र को एक कौशल के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। अब शारीरिक शिक्षा और खेलकूद में रोजगार का एक अच्छा जरिया बनकर उभर रहा है।
प्रशिक्षित लोगों के लिए सफल खिलाड़ी बनने के अलावा स्कूल-कॉलेज, खेल अकादमी, व्यायाम केद्रों और अस्पताल आदि में प्रशिक्षक के रूप में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। स्कूलों में शारीरिक शिक्षा शिक्षक, कोच, खेल अकादमियों में कोच, फिटनेस केंद्रों में प्रशिक्षक या न्यूट्रिशनिस्ट, खेल चिकित्सक, फि़जिय़ोथेरपी विशेषज्ञ और स्पॉट्र्स इंवेंट्स में प्रबंधक, कमेंटेटर इत्यादि कई क्षेत्र हैं जहां उन्हें रोजगार मिल रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त किए लोगों को रोजगार मुहैया करना है। इंटर पास करने के बाद शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद में रुचि रखने वाले बच्चों के लिए भारत सरकार विभिन्न कोर्स चलाती है,जैसे शारीरिक शिक्षा से बीए, बीपीएस, बीए पास करने के बाद बीपीएड, डीपीएड, उसके बाद एमपीएड यूजीसी नेट जेआरएफ, पीएचडी आदि कोर्स बच्चे करके अपना सुनहरा भविष्य बना सकते हैं। यह जानकारी आनन्द सिंह ने दी, जो शारीरिक शिक्षा से बीए, बीपीएड, एमपीएड, यूजीसी नेट, नेशनल फेलोशिप किए है वर्तमान में इंटर कालेज में शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद के अध्यापक हैं।
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