लखनऊ 12 जनवरी (आरएनएस ) स्थित बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु युवा शक्ति और स्वदेशी भावना: स्वामी विवेकानंद का जीवन और दर्शनÓ रखा गया, जिसमें युवाओं की भूमिका, स्वदेशी सोच और राष्ट्रनिर्माण पर व्यापक विमर्श हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक रहे, जबकि अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं बाबासाहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। विश्वविद्यालय कुलगीत के पश्चात आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का पौधा, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने स्वागत संबोधन में राष्ट्रीय युवा दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का इतिहास गौरवशाली रहा है और भारतीय संस्कृति ने विश्व को हर क्षेत्र में दिशा दी है। उन्होंने कहा कि अनेक आक्रमणों के बावजूद भारतीय संस्कृति और लोकतंत्र की जड़ें मजबूत बनी रहीं, यही कारण है कि आज विश्व भारत को सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक दृष्टि से एक केंद्रबिंदु के रूप में देखता है। स्वामी विवेकानंद जैसे महान विचारकों ने न केवल भारत को बल्कि पूरे विश्व को मार्गदर्शन दिया। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्Ó की भावना भारत की पहचान है और आज देश कृषि से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान तक आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने युवाओं से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्टÓ और ‘वोकल फॉर लोकलÓ जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए युवाओं से इनका लाभ उठाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने ‘विकसित भारत 2047Ó के लक्ष्य को स्वामी विवेकानंद के भारत-स्वप्न से जोड़ते हुए कहा कि इसे चुनौती के रूप में स्वीकार कर पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करना होगा। उन्होंने आत्मचिंतन, अनुशासन और भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों को अपनाने पर बल दिया। ‘नर सेवा ही नारायण सेवा हैÓ के विचार का उल्लेख करते हुए उन्होंने समाज के वंचित वर्गों से जुड़कर समग्र विकास की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता बताई और कहा कि शिक्षण संस्थान विचारों के केंद्र होते हैं, जहां से सामाजिक और आर्थिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है।प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता कश्मीरी लाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद इस सदी के महानतम व्यक्तित्वों में से एक थे, जिन्होंने युवाशक्ति को जागृत किया। उन्होंने अध्ययन और सतत सीखने की प्रक्रिया को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि भारतीय युवाओं की प्रतिभा आज वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। उन्होंने स्वदेशी तकनीक, आईआईटी और वैज्ञानिक संस्थानों के योगदान का उल्लेख करते हुए कोविड काल में भारत द्वारा वैश्विक सहयोग को उदाहरण स्वरूप प्रस्तुत किया और युवाओं से श्रेष्ठ विचारों को अपनाने का आह्वान किया।दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर की प्रो. विनोद सोलंकी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में उनके विचारों ने भारत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई। उन्होंने भारतीय संस्कृति, योग, दर्शन और नैतिक मूल्यों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए संस्कृत भाषा के संरक्षण की आवश्यकता बताई और युवाओं से एकता और समन्वय के साथ आगे बढऩे का संदेश दिया।कंसल्टेंट, इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डॉ. मनोज जोशी ने उद्यमिता और नवाचार पर विचार रखते हुए कहा कि असफलताओं से सीख लेकर आगे बढऩा ही सफलता का मार्ग है। उन्होंने युवाओं को जोखिम उठाने, रचनात्मक सोच अपनाने और स्टार्टअप संस्कृति को विकसित करने के लिए प्रेरित किया तथा विभिन्न सफल स्टार्टअप्स के उदाहरण प्रस्तुत किए।शिक्षा विभाग, बीबीएयू के विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. राज शरण शाही ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का अध्ययन भारत को समझने की कुंजी है। उन्होंने कहा कि युवाशक्ति यदि सही दिशा में आगे बढ़े तो समय की गति को भी बदल सकती है। नई शिक्षा नीति 2020 और कोठारी आयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने शिक्षा में हो रहे सकारात्मक बदलावों को रेखांकित किया।राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में ‘स्वदेशी संकल्प दौड़Ó का आयोजन भी किया गया, जिसे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल और कश्मीरी लाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दौड़ के दौरान स्वदेशी और आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रेरक नारे लगाए गए। कार्यक्रम के दौरान ‘नवकल्पना – बीबीएयू फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिपÓ के अंतर्गत गठित सेक्शन-8 कंपनी का विधिवत अनावरण किया गया, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालय में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। साथ ही विद्यार्थियों द्वारा ‘वेस्ट आउट ऑफ बेस्टÓ प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी उत्पाद तैयार कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।विश्वविद्यालय दिवस समारोह के अंतर्गत 10 से 12 जनवरी तक चले आयोजनों के अंतिम दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, गैर-शिक्षण अधिकारी, शोधार्थी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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