उन्नाव 12 जनवरी (आरएनएस ) । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को निरीक्षण भवन, उन्नाव में पत्रकारों से वार्ता करते हुए विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 को ग्रामीण भारत के लिए ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत–’जी राम जीÓ के माध्यम से विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित गांव का स्पष्ट, ठोस और दूरदर्शी रोडमैप तैयार किया गया है। यह अधिनियम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की लगभग 70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी को खुशहाल, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधिनियम के तहत ग्रामीण श्रमिकों को अब 100 दिन के स्थान पर 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार वैधानिक गारंटी के साथ मिलेगा। इससे समृद्ध, सक्षम और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की नींव और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होगी, जिससे फर्जी भुगतान या भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। इसका सीधा लाभ यह होगा कि गांवों से श्रमिकों और किसानों का पलायन रुकेगा और गांव तथा गरीब वर्ग आर्थिक रूप से सशक्त होंगे।केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अब वह समय समाप्त हो रहा है, जब ग्रामीण श्रमिक आजीविका की तलाश में अपने गांव छोडऩे को मजबूर होते थे। विकसित भारत–’जी राम जीÓ अधिनियम के लागू होने से उन्हें अपने ही गांव में स्थायी, सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि गांव की गलियां ग्रामीण जीवन की धमनियां हैं और अब इन गलियों का निर्माण भी हाईवे की तर्ज पर कराया जाएगा। विकास के ठोस मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों को ए, बी और सी श्रेणी में वर्गीकृत किया जाएगा, ताकि हर गांव को समान विकास के अवसर प्राप्त हो सकें और किसी क्षेत्र के साथ भेदभाव न हो।उप मुख्यमंत्री ने बताया कि गांवों की बेहतर, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक योजना तैयार करने के लिए पीएम गति शक्ति योजना, जीआईएस और अन्य आधुनिक आईटी टूल्स का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। इस अधिनियम के अंतर्गत जॉब कार्ड तीन वर्षों की अवधि के लिए बनाए जाएंगे, जिससे रोजगार की निरंतरता और स्थायित्व सुनिश्चित होगा।उन्होंने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को अभूतपूर्व रूप से मजबूत करेगा। पहले जहां विद्यालयों में केवल बाउंड्री वॉल तक के कार्य सीमित रहते थे, अब किचन शेड, प्रयोगशालाएं और अन्य आवश्यक निर्माण कार्य भी कराए जा सकेंगे। इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जरूरी कार्यों को भी इस अधिनियम के दायरे में शामिल किया गया है, जिससे आपदा प्रबंधन और पुनर्वास कार्यों को गति मिलेगी।केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित भारत–’जी राम जीÓ अधिनियम भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेगा। इसके तहत बायोमेट्रिक सत्यापन, जीआईएस आधारित मोबाइल एप और फेस रीडिंग जैसी अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस अधिनियम में एनजीओ की कोई भूमिका नहीं होगी, जिससे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधिनियम से गांवों का समग्र विकास होगा, श्रमिकों को रोजगार के साथ सम्मान और सामाजिक सुरक्षा प्राप्त होगी और ग्रामीण भारत विकास की मुख्य धारा से मजबूती से जुड़ेगा। यह पहल केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण समाज के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास का माध्यम बनेगी। उन्होंने इसे ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने वाला एक स्थायी और दूरगामी कदम है।उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विश्वगुरु बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है। डबल इंजन सरकार के प्रभावी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेज, एयरपोर्ट और औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है। विकसित भारत–’जी राम जीÓ अधिनियम इसी राष्ट्रीय संकल्प को धरातल पर उतारने वाला क्रांतिकारी प्रयास है, जो आने वाले वर्षों में ग्रामीण भारत की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल देगा।
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