तेहरान ,15 जनवरी । ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों और बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने बुधवार को अपने नागरिकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों चाहे वे छात्र हों, तीर्थयात्री हों, व्यापारी हों या पर्यटक को जल्द से जल्द वहां से निकल जाने की सलाह दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नागरिकों को तत्काल प्रभाव से वतन वापसी की योजना बनानी चाहिए।
यह नई एडवाइजरी 5 जनवरी को जारी की गई पिछली सलाह की ही अगली कड़ी है, जिसे ईरान की बदलती और संवेदनशील परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपडेट किया गया है। सरकार ने वहां मौजूद भारतीयों को अत्यधिक सावधानी बरतने की हिदायत दी है। नागरिकों से विशेष रूप से कहा गया है कि वे किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। इसके अलावा, सभी भारतीयों को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के लगातार संपर्क में रहने और ताजा हालात जानने के लिए स्थानीय मीडिया पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
इस बीच, ईरान में जमीनी हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अंग्रेजी अखबार ‘द गार्डियनÓ की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार शाम को करीब 300 शवों को दफनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि इन शवों में प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल हैं। यह कार्यक्रम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तेहरान यूनिवर्सिटी के कैंपस में आयोजित किए जाने की संभावना है।
हिंसा में मरने वालों के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। अमेरिकी संस्था ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसीÓ के अनुसार, अब तक 2,550 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें 2,403 प्रदर्शनकारी और 147 सरकार से जुड़े लोग शामिल हैं। वहीं, ईरान से जुड़ी खबरें देने वाली वेबसाइट ‘ईरान इंटरनेशनलÓ ने इससे भी भयावह दावा किया है। उनके मुताबिक, देशभर में कम से कम 12 हजार लोगों की मौत हुई है और इनमें से ज्यादातर लोगों की जान गोली लगने की वजह से गई है।
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