सीताकुंड धाम पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध
सुलतानपुर 15 जनवरी (आरएनएस)। सुल्तानपुर जिले में मकर संक्रांति पर्व पर आदि गंगा गोमती के तट पर स्थित सीताकुंड घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बृहस्पतिवार को सुबह 5 बजे से ही हजारों श्रद्धालुओं ने गोमती नदी में डुबकी लगाई और दान-पुण्य किया। इस दौरान लोगों ने परिवार के साथ पूजा-अर्चना भी की। श्रद्धालुओं ने जरूरतमंदों को खिचड़ी दान की। शहर के परशुराम चौराहे पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जहां राहगीरों में खिचड़ी और तिल बांटे गए। इसके अतिरिक्त, शहर के विभिन्न स्थानों पर खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ, जिसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। बाबा तिलक धारी दास ने मकर संक्रांति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, यह वह समय है जब संक्रांति बदलती है और सभी शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। इस दिन गंगा या पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व है। Óस्नान-दानÓ करने से मनुष्य को बहुत लाभ और पुण्य मिलता है, इसीलिए सभी लोग आज श्रद्धा के साथ डुबकी लगाते हैं। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन किया गया दान और पवित्र स्नान जीवन में सुख-समृद्धि लाता है। सुल्तानपुर के स्थानीय निवासियों ने भी परंपरा के अनुसार खिचड़ी का आनंद लिया और तिल-गुड़ का दान किया। गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता मदन सिंह ने बताया कि संस्था ने घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया और श्रद्धालुओं के लिए अलाव की व्यवस्था की। उन्होंने जानकारी दी कि लगभग बीस हजार लोगों ने आज सीताकुंड घाट पर डुबकी लगाई। अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से घाट पर व्यापक प्रबंध किए गए थे। इसमें 4 एसएचओ, 35 सिपाही और 20 महिला कांस्टेबल तैनात किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

