वॉशिंगटन ,16 जनवरी । सऊदी अरब, कतर और ओमान की सघन कूटनीतिक कोशिशें रंग लाई हैं। इन देशों के हस्तक्षेप के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित सैन्य हमले को फिलहाल टाल दिया है। खाड़ी देशों के अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप को इस हमले से रोकने के लिए ‘आखिरी वक्त तक कड़ा संघर्षÓ करना पड़ा, ताकि ईरान को अपनी नीयत साबित करने का एक मौका मिल सके। यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब अमेरिका ने ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रहे दमन के विरोध में सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच युद्ध के बादल मंडराने लगे थे।
‘बम डिफ्यूज करने वाली एक अनिद्रा भरी रातÓ
सऊदी अरब के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एएफपी को बताया कि ट्रंप प्रशासन को यह समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी कि ईरान पर हमला पूरे क्षेत्र के लिए ‘विनाशकारी परिणामोंÓ (त्रह्म्ड्ड1द्ग ड्ढद्यश2ड्ढड्डष्द्मह्य) का द्वार खोल देगा। अधिकारियों ने इस पूरी कूटनीतिक कवायद को ‘बमों को डिफ्यूज करने वाली एक अनिद्रा भरी रातÓ करार दिया है। सऊदी अरब का कहना है कि यह प्रयास क्षेत्र में अनियंत्रित स्थिति और गंभीर जवाबी हमलों को रोकने के लिए बेहद जरूरी था। खाड़ी देशों ने न केवल वॉशिंगटन से बात की, बल्कि ईरान को भी कड़ा संदेश दिया कि यदि उसने खाड़ी में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया, तो क्षेत्रीय देशों के साथ उसके संबंध हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे।
कतर एयरबेस पर बढ़ा दी गई थी सुरक्षा
तनाव के चरम पर होने के दौरान कतर स्थित मध्य-पूर्व के सबसे बड़े अमेरिकी सैन्य अड्डे ‘अल-उदेदÓ पर हलचल तेज हो गई थी। तेहरान ने धमकी दी थी कि अमेरिकी हमले के जवाब में वह खाड़ी में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों पर पलटवार करेगा। इस खतरे को देखते हुए एयरबेस पर सुरक्षा स्तर (स्द्गष्ह्वह्म्द्बह्ल4 रुद्ग1द्गद्य) बढ़ा दिया गया था और कुछ कर्मियों को वहां से हटने के निर्देश भी दे दिए गए थे। हालांकि, कूटनीतिक बातचीत सफल होने के बाद बुधवार शाम से ही स्थिति सामान्य होने लगी। राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, अब सैन्य विमान और कर्मी वापस अपनी पुरानी पोजीशन पर लौट रहे हैं और सुरक्षा अलर्ट के स्तर को घटा दिया गया है।
ट्रंप को मिला आश्वासन, बदले सुर
लगातार धमकियों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख में अचानक नरमी देखने को मिली। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि उन्हें ‘दूसरी तरफ के बहुत महत्वपूर्ण सूत्रोंÓ से यह पक्का आश्वासन मिला है कि ईरान प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा नहीं देगा। इस आश्वासन और खाड़ी देशों के दबाव के बाद अमेरिका ने फिलहाल सैन्य विकल्प को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। हालांकि, सऊदी अधिकारियों का कहना है कि भरोसे को मजबूत करने के लिए संवाद अभी भी जारी है, जिससे आने वाले वक्त में ऐसी स्थिति फिर से न बने।
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