सीहोर,17 जनवरी (आरएनएस)। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, चंद्रशेखर आज़ाद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय सीहोर एवं शासकीय विधि महाविद्यालय सीहोर द्वारा संयुक्त रूप से एक दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन एवं जागरूकता प्रशिक्षण कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन महाविद्यालय के नवीन सभागार में चार सत्रों में किया गया। कार्यशाल का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन के दिशानिर्देशों के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में बढ़ती आत्महत्या के मामलों की रोकथाम करना तथा शिक्षण संस्थाओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता स्थापित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन के साथ हुआ।विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राजकुमार साहू द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। कार्यशाला के प्रथम सत्र में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व कुमार शर्मा ने शैक्षणिक संस्थाओं में सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य वातावरण निर्माण पर प्रेरणादाई वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने भूटान का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रसन्नता बाह्य संसाधनों पर निर्भर नहीं होती। उन्होंने जीवन के संघर्षों में भी मन को सशक्त रखने के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि “पीड़ा मन को परिमार्जित करती है तथा दुख हमें निखारता है”।
तत्पश्चात अगले सत्र की वक्ता डॉ. प्रियंका लेंका, सहायक प्राध्यापक, नेशनल मेंटल हेल्थ रिहैबिलिटेशन इंस्टीट्यूट ने आत्महत्या रोकथाम परामर्श तकनीकों पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। उन्होंने आत्महत्या से जुड़े जोखिम कारकों और चेतावनी संकेतों से संबंधित जानकारी भी सभी के साथ साझा की।
इसके पश्चात कार्यशाला के तीसरे सत्र में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, सीहोर से डॉ. अनीशा इज़क ने “मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ एवं उपलब्ध संसाधन” विषय पर प्रभावी वक्तव्य दिया। उन्होंने सरकारी स्तर पर उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, परामर्श सुविधाओं तथा सहायता संसाधनों की विस्तृत जानकारी सभी के समक्ष प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र के वक्ता डॉ. राजेन्द्र कुमार जुगादे, प्राध्यापक, गीतांजलि महाविद्यालय भोपाल रहे। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता विषय पर भावपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही शिक्षण संस्थानों में सहिष्णुता एवं संवेदनशीलता स्थापित करने की महत्ता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर सीहोर जिले के विभिन्न शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों से आए गणमान्य अतिथि, प्राचार्य, प्राध्यापक एवं विद्यार्थी मिलाकर करीब 105 प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ. कैलाश कुमार ठाकरे ने नेशनल तथा डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की प्रस्तावना तथा भविष्य की कार्यक्रम रूपरेखा से सभी को अवगत कराया। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. देवेंद्र कुमार वरवड़े द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अंतिम कड़ी में पूर्णिमा सिंह परिहार तथा डॉ टिमोथियस इक्का ने विभिन्न सत्रों में वक्ताओं के प्रति आभार प्रदर्शित किया।
साथ ही सभी प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक वातावरण बनाने का संकल्प लिया।

