दतिया 15 अप्रैल (आरएनएस)।सीमित आय और बढ़ते घरेलू खर्चों के बीच हिम्मत और सही मार्गदर्शन से कैसे सफलता हासिल की जा सकती है, इसका प्रेरक उदाहरण सोनागिर की निवासी शशि जैन ने प्रस्तुत किया है। निजी नौकरी छोड़कर स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का उनका निर्णय आज उन्हें एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर महिला के रूप में स्थापित कर चुका है।
शशि जैन बताती हैं कि पहले वे एक निजी नौकरी करती थीं, जहां आय सीमित थी और उससे परिवार का खर्च चलाना कठिन हो रहा था। इसी दौरान उनकी मुलाकात जय माँ रतनगढ़ वाली समूह की एक महिला से हुई, जिन्होंने उन्हें शासन द्वारा संचालित स्व-सहायता समूह की जानकारी दी। प्रेरित होकर शशि जैन इस समूह से जुड़ गईं।
समूह से जुडऩे के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि व्यवसाय शुरू करने का आत्मविश्वास भी विकसित हुआ। शुरुआत में उन्होंने एक छोटा बुटीक खोला और धीरे-धीरे साड़ी, बड़ी, (पापड़/अन्य घरेलू उत्पाद) जैसे सामान का व्यापार भी शुरू कर दिया। उनके परिश्रम और लगन का परिणाम यह है कि आज वे अपने व्यवसाय से प्रतिमाह 30 से 35 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।
वह भावुक होकर बताती हैं कि एक समय ऐसा भी था जब घर की रसोई चलाना मुश्किल हो जाता था, लेकिन आज वे अपने पैरों पर खड़ी हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों को आत्मविश्वास के साथ निभा रही हैं। शशि जैन अब अपने व्यवसाय का विस्तार कर अन्य लोगों को भी रोजगार देने का लक्ष्य रखती हैं।
शशि जैन शासन की महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं और पहलों के लिए माननीय प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि इन योजनाओं ने उन्हें नया जीवन और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।
यह कहानी न केवल महिलाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन से हर कठिनाई को अवसर में बदला जा सकता है।

