नई दिल्ली,15 अपै्रल (आरएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मजदूरों की बढ़ती नाराजगी के बीच, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस ने गुरुवार को देश भर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. इसमें मजदूरों से अपील की गई है कि वे इंडस्ट्रियल एरिया और फैक्ट्री इकाइयों में चल रही हड़तालों के साथ एकजुटता दिखाएं.
ट्रेड यूनियन का यह आह्वान ऐसे समय में आया है जब मजदूरों की हालत, मजदूरी और नौकरी की सुरक्षा को लेकर नाराजगी बढ़ रही है, और कई मजदूर ग्रुप पहले से ही प्रदर्शन कर रहे हैं.
ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि इस मिलकर किए गए विरोध प्रदर्शन का मकसद मजदूरों की आवाज को बुलंद करना और अधिकारियों से तुरंत दखल देने की मांग करना है. इससे यह चिंता बढ़ गई है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज हो सकता है.
सीआईटीयू के महासचिव एलामाराम करीम ने कहा, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मजदूरों के अचानक संघर्ष पर उत्तर प्रदेश और हरियाणा की भाजपा सरकारों द्वारा किए गए क्रूर दमन की निंदा करता है.
उन्होंने कहा, यह सिर्फ एक औद्योगिक विवाद नहीं है. यह सीधे वर्ग टकराव की एक बहादुरी भरी अभिव्यक्ति है, जहां राज्य मशीनरी मज़दूरों के अधिकारों को दबाकर कॉर्पोरेट हितों की रक्षा के लिए खुलेआम काम कर रही है.
ट्रेड बॉडी ने ट्रेड यूनियनों के साथ तुरंत तीन-तरफा बातचीत, इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस को तुरंत बुलाने, और सभी कानूनी फायदों के साथ 26,000 रुपये का न्यूनतम वेतन लागू करने, 8 घंटे का सख़्त काम का दिन, डबल ओवरटाइम पेमेंट, काम की जगह पर पक्की सुरक्षा, कॉन्ट्रैक्ट मज़दूरों के साथ समान बर्ताव, सस्ती एलपीजी, और रेगुलराइजेशन के जरिए कॉन्ट्रैक्ट लेबर सिस्टम को खत्म करने की मांग की है.
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