सुलतानपुर 21 जनवरी । भारतीय भाषा समिति शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित और राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय आई क्यू ए सी व हिंदी विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 30 व 31 जनवरी को होगी ।
महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद संगोष्ठी कक्ष में होने वाली भारतीय भाषा परिवार अंतर्सम्बंध और सांस्कृतिक संवाद विषयक इस संगोष्ठी में देशभर के विद्वान अपने विचार व्यक्त करेंगे। संगोष्ठी के समन्वयक हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर इंद्रमणि कुमार ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य भारतीय भाषाओं के अध्ययन के औपनिवेशिक, यूरो केंद्रित और विभेदकारी दृष्टिकोण को चिन्हित करते हुए इस संदर्भ में वैकल्पिक दृष्टिकोण की प्रस्तावना तैयार करना है। इस दृष्टिकोण में भारत की विभिन्न भाषाओं में समानता, सहजीविता और सांस्कृतिक संवाद के सूत्रों का रेखांकन निहित है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन भारतीय भाषा समिति द्वारा नेशनल बुक ट्रस्ट से प्रकाशित दो पुस्तकों ‘भारतीय भाषा परिवार अ न्यू फ्रेमवर्क इन लिंग्विस्टिक्सÓ और कलेक्ट स्टडीज ऑन भारतीय भाषा परिवार पर्सपेक्टिव एंड होरीज़ंसÓ और उनमें उठाए गए मुद्दों पर केंद्रित होगा।
संगोष्ठी में दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. रमेश चंद्र शर्मा, मुम्बई विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. रामजी तिवारी, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के भाषा विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अभिनव कुमार मिश्र, हैदराबाद विश्वविद्यालय के प्रो. गजेंद्र पाठक, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. विजय कुमार राय, रामजस कॉलेज दिल्ली के डॉ उमाशंकर पांडेय , युगतेवर के सम्पादक कमलनयन पांडेय व के एन आई के पूर्व प्राचार्य प्रो. राधेश्याम सिंह सहित अन्य जाने-माने विद्वान, शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी अपने विचार रखेंगे।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यह आयोजन शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्वत समाज के लिए लाभकारी सिद्ध होगा । महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह तथा प्रबंधक एडवोकेट बालचंद सिंह समेत महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी व विद्यार्थी उत्साह के साथ आयोजन की तैयारी में जुटे हैं।
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