लखनऊ 21 जनवरी (आरएनएस )उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ द्वारा आयोजित बौद्ध संगम माघ मेला का शुभारंभ किया गया। मंगलवार को आयोजित उद्घाटन सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें बौद्ध परंपरा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों को केंद्र में रखते हुए आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।उद्घाटन सत्र में विश्व हिंदू परिषद के अशोक तिवारी ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह, संस्थान के माननीय सदस्य देवानंद वर्धन, संस्थान के कर्मचारी, बौद्ध भिक्षु और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पण के साथ की गई, जिसके बाद बौद्ध परंपराओं से जुड़े सांस्कृतिक भावों को साझा किया गया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि अशोक तिवारी ने कहा कि बौद्ध धर्म की शिक्षाएं आज भी समाज को शांति, करुणा और मानवीय मूल्यों की दिशा दिखाती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बौद्ध संस्कृति और दर्शन का संरक्षण व प्रसार होता है, जो सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बौद्ध दर्शन की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है।संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह ने अपने संबोधन में बौद्ध संगम माघ मेले के उद्देश्य, कार्यक्रमों और सामाजिक-सांस्कृतिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान बौद्ध दर्शन, संस्कृति और परंपरा से जुड़े विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य समाज में शांति और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है।उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बौद्ध संगम माघ मेला 1 फरवरी से 5 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रवचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और बौद्ध दर्शन से संबंधित गतिविधियां होंगी। यह आयोजन शांति, करुणा, सद्भाव और सामाजिक एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।
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