लखनऊ 21 जनवरी (आरएनएस ) में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन उत्तर प्रदेश ने सरकारी धन के गबन के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो लखनऊ के तत्कालीन आसूचना अधिकारी एवं मालखाना इंचार्ज राजेन्द्र कुमार दूबे को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी अपराध की रोकथाम और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत 20 जनवरी 2026 को जनपद लखनऊ में की गई।मामला नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के क्षेत्रीय कार्यालय बी-912 सेक्टर-ए, सीआईडी कॉलोनी, महानगर लखनऊ से जुड़ा हुआ है। 26 अगस्त 2013 को सिमरन फार्मा, न्यू मेडिसिन मार्केट अमीनाबाद के मालिक बलजीत सिंह से 52 लाख 49 हजार रुपये जब्त किए गए थे। यह धनराशि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो कार्यालय के मालखाना में जमा कराई गई थी। बाद में 16 जून 2015 को जब गठित समिति ने न्यायालय के आदेश के अनुपालन में राशि को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, महानगर लखनऊ में जमा कराने के लिए कैश पेटी खोली, तो उसमें भारी अनियमितता सामने आई।जांच के दौरान पाया गया कि कैश पेटी में जमा 52 लाख 49 हजार रुपये में से केवल 10 लाख 25 हजार 900 रुपये ही मौजूद थे, जबकि 42 लाख 23 हजार 100 रुपये का गबन हो चुका था। इस गंभीर अनियमितता के सामने आने के बाद तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशक द्वारा राजेन्द्र कुमार दूबे के विरुद्ध थाना महानगर लखनऊ में गबन का अभियोग दर्ज कराया गया। इस संबंध में मु0अ0सं0 164/2015 धारा 409 भादवि के तहत मामला पंजीकृत किया गया।प्रकरण की प्रारंभिक विवेचना जनपद स्तर पर की गई, जिसके बाद शासन के आदेश पर जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन को सौंप दी गई। ईओडब्ल्यू द्वारा की गई विस्तृत जांच में कुल पांच अभियुक्तों को दोषी पाया गया। जांच के आधार पर आरोपी राजेन्द्र कुमार दूबे पुत्र स्वर्गीय नरसिंह दुबे, तत्कालीन आसूचना अधिकारी एवं मालखाना इंचार्ज, की भूमिका स्पष्ट होने पर उसे गिरफ्तार किया गया।ईओडब्ल्यू का कहना है कि आरोपी ने एनडीपीएस एक्ट से संबंधित केस प्रोपर्टी की जब्त नकदी के संरक्षण और जमा कराने में गंभीर लापरवाही व अनियमितता बरती, जिससे सरकारी धन का बड़ा गबन हुआ। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है। मामले में अन्य दोषियों की भूमिका और गबन की पूरी कड़ी को लेकर जांच जारी है।
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