लखनऊ 21 जनवरी (आरएनएस ) जिला वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट, देवी-देवताओं की मूर्तियों तथा लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को बुलडोजर से तोड़े जाने की घटना के विरोध में समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ लखनऊ ने कड़ा ऐतराज जताया है। इस मामले को लेकर बुधवार को समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ लखनऊ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार पाल के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी लखनऊ को सौंपा गया।ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष मनोज कुमार पाल ने कहा कि मणिकर्णिका घाट केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सनातन परंपरा और सांस्कृतिक आस्था का जीवंत प्रतीक है। वहीं लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर से करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। उनकी प्रतिमा को तोड़ा जाना न केवल आस्था का अपमान है, बल्कि इतिहास और सांस्कृतिक विरासत पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरे प्रदेश में लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है।मनोज कुमार पाल ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस ऐतिहासिक घाट और प्रतिमा को किसके आदेश पर और किन परिस्थितियों में क्षतिग्रस्त किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मणिकर्णिका घाट के साथ-साथ लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए और इस कृत्य के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष जयसिंह ‘जयन्तÓ, जिला महासचिव शब्बीर अहमद खान, प्रदेश सचिव त्रिवेणी प्रसाद पाल, अधिवक्ता विपिन पाल, रामसेवक पाल, जिला उपाध्यक्ष रामनरेश पाल, अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष अंजनी प्रकाश यादव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे। इनके अलावा गुरु प्रसाद पाल, आशीष पाल ‘मोनूÓ, हरिप्रसाद लोधी, ज्ञानेन्द्र कुमार ‘ज्ञानूÓ, लालजी यादव, जीएच जैदी, वीरेन्द्र यादव, मोहित पाल, रामसागर पासी, लक्ष्मी नारायण पाल, सुरेश कुमार पाल, मनीष यादव, अवशेष कुमार कश्यप, अजय कुमार पाल, संजीव कुमार पटेल, सूरज लोधी, वैभव पाल, हिमांशू पाल, कैलाश बाबू पाल, रजनीश सिंह, उदयराज, विजय कुमार, धर्मेन्द्र पाल, विनोद पाल, राकेश पाल, अनुराग पाल, संजय पाल, सुरेश कुमार, रामसवारे प्रजापति, लवकुश पाल, सुरेन्द्र यादव, अरविन्द यादव, मिथलेश पटेल, बब्बे पाल, रिंकू पाल, मनीष पाल, दीपक यादव और दिनेश यादव के साथ सैकड़ों पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ आंदोलन के लिए बाध्य होगा। उनका कहना था कि ऐतिहासिक धरोहरों और महापुरुषों की स्मृतियों के संरक्षण के लिए समाजवादी पार्टी हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।
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