लखनऊ 21 जनवरी (आरएनएस ) समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर सनातन परम्परा को तोडऩे और शंकराचार्य तथा साधु-संतों के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य और सभी साधु-संत समाज की शोभा हैं। उनसे मिलने और आशीर्वाद लेने के लिए देश-प्रदेश से तमाम अनुयायी आते हैं, यही सनातन धर्म की मूल परम्परा रही है, लेकिन भाजपा सरकार इस परम्परा को लगातार आघात पहुंचा रही है।
बुधवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर साधु-संतों और शंकराचार्य को अपमानित कर रही है। अधिकारियों के माध्यम से किया गया दुव्र्यवहार न केवल निंदनीय है, बल्कि यह देश की धार्मिक और सांस्कृतिक परम्पराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी शंकराचार्य से परिचय पत्र या प्रमाण पत्र मांगता है तो इससे बड़ा सनातन धर्म का अपमान और कुछ नहीं हो सकता। यह आचरण दर्शाता है कि भाजपा सरकार को न तो धर्म की समझ है और न ही परम्पराओं का सम्मान।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार संविधान, कानून, भाईचारा और सामाजिक परम्पराओं को लगातार कमजोर कर रही है। आज की स्थिति यह है कि इस सरकार में किसी के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि माघ मेला जैसे धार्मिक आयोजन में भी साधु-संतों और शंकराचार्य का अपमान किया गया, जो पूरे देश और सनातन परम्परा का अपमान है।उन्होंने कहा कि समाजवादी लोग सच्चे साधु-संतों और शंकराचार्य से आशीर्वाद लेकर जनता की सेवा करते रहेंगे। जो साधु-संत सत्य और सच्चाई के मार्ग पर चलते हैं, वही असली संत होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग सरकार के इशारे पर चलते हैं, ऐसे लोग सच्चे संत नहीं हो सकते।अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार मनमानी पर उतारू है और लोगों की आवाज तथा सच्चाई को दबाना चाहती है। जो लोग भाजपा के हिसाब से नहीं चलते, उन्हें तरह-तरह से प्रताडि़त किया जाता है। कभी नोटिस भेजी जाती हैं तो कभी सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों के जरिए परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस अन्याय और दमन के खिलाफ लगातार आवाज उठाती रहेगी और जनता के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।
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