बिलासपुर 27 जनवरी 2026(आरएनएस) गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सागा लेआउट स्थित ओंकारेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में सम्मान समारोह एवं राष्ट्रभाव से ओतप्रोत काव्य आयोजन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ओजस्वी कवि दीपक दुबे ‘सागर’ को उनकी राष्ट्रवादी कविताओं के माध्यम से समसामयिक विचारों की प्रामाणिक अभिव्यक्ति हेतु विशेष रूप से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के संरक्षक एवं अध्यक्ष रमेश चंद्र श्रीवास्तव (पूर्व आई.एस.एस. अधिकारी) ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में कागज और कलम की भूमिका को कभी भी कम करके नहीं आँका जा सकता। कवियों ने युगों-युगों से राष्ट्र की चेतना को दिशा देने का कार्य किया है। दीपक दुबे ‘सागर’ की कविताओं में आज के भारत की सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिस्थितियाँ स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती हैं। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करना मेरे लिए सौभाग्य का विषय है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान कुलपति, थावे विद्यापीठ विश्वविद्यालय (बिहार) डॉ. विनय कुमार पाठक रहे। विशिष्ट अतिथियों में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति चंद्रभूषण वाजपेई (पूर्व न्यायाधीश) शैलेन्द्र सिंह कछवाहा, श्रीमती ऊषा श्रीवास्तव, श्रीमती अरुणा सिंह कछवाहा, डॉ. राघवेंद्र दुबे एवं अमल श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
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