ईयू ,27 जनवरी । भारत और यूरोपिय संघ (श्व) के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (स्नञ्ज्र) साइन हो चुका है। 18 साल की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने नई दिल्ली में इसे हरी झंडी दिखा दी है। यूरोपीय संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक की, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी घोषणा कर दी है। स्नञ्ज्र के लागू होने से भारतीय बाजार में यूरोपीय संघ से आयात होने वाले कई उत्पाद सस्ते हो सकते हैं, जबकि भारत के निर्यात को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
भारत में क्या-क्या हो सकता है सस्ता?
-मर्सिडीज, क्चरूङ्ख और पॉर्श जैसी लग्जऱी कारों की कीमतों में कमी
-15,000 यूरो (लगभग 16.3 लाख रुपये) से अधिक कीमत वाली कारों पर टैरिफ घटकर 40त्न रह सकता है
-विमान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, केमिकल्स, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और मेटल स्क्रैप सस्ते हो सकते हैं
-यूरोप से आयात होने वाली शराब की कीमतों में गिरावट की संभावना
सेवा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा
इस समझौते से आईटी, इंजीनियरिंग, टेलीकॉम और बिजनेस सर्विस सेक्टर में भारतीय पेशेवरों के लिए यूरोप में नए अवसर खुलेंगे।
2031 तक 50 अरब डॉलर से ज्यादा का व्यापार
एमके ग्लोबल की एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-यूरोपीय संघ स्नञ्ज्र लागू होने के बाद वर्ष 2031 तक दोनों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 51 अरब डॉलर (करीब 4.68 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है। इससे भारत के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
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