आईएमए के चिकित्सकों ने गणतंत्र दिवस पर फहराया राष्ट्रध्वज
सिरसा 28 जनवरी (आरएनएस)। चिकित्सीय पेशा कोई व्यवसाय नहीं बल्कि मानवीय सेवा का माध्यम है। अपने रिश्तों, सुख-सुविधाओं को तिलांजलि देकर मरीजों के दुख को दूर करना मानवीय धर्म है। उक्त संदेश इंडियन मेडिकल एसोसिएशन केजिलाध्यक्ष डॉ. सौरभ वालिया ने गणतंत्र दिवस पर आईएमए हाउस में राष्ट्रध्वज को सलामी देने के पश्चात मौजूद चिकित्सकों को दिया। उन्होंने कहा कि इस समय चिकित्सा का क्षेत्र विभिन्न चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में चिकित्सकों की एकजुटता जरूरी है ताकि चुनौतियों का सफलता से मुकाबला किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान का युग परिवर्तन का युग है। आर्टफिशियल इंटेजिलेंस तकनीक के आगमन से चिकित्सा क्षेत्र में अनेक परिवर्तन आ रहे हैं, हमें मिलकर पूर्णरूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर इस तकनीक का लाभ मरीजों तक पहुंचाना चाहिए। डॉ. वालिया ने कहा कि चिकिस्कों को अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों, नि:स्वार्थ सेवा भावना और आमजन के स्वस्थ के प्रति प्रतिबद्धता के अपने दायित्व का अहसास मरीजों के उपचार के समय हर समय अपने जहन में रखना चाहिए। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वेद बेनिवाल ने कहा कि चिकित्सक और मरीज के बीच विश्वास ही उपचार की सबसे सशक्त कड़ी है। इस अवसर पर पारस अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. केके वालिया के अलावा डॉ. एसपी शर्मा, डॉ. अशोक पारीक, डॉ. बीडी ग्रोवर, डॉ. प्रवीण अरोड़ा, डॉ. वीरेश भूषण, डॉ. अमित वासिल, डॉ. सुदीप मुंजाल, डॉ. सतीश बंसल सहित अनेक चिकित्सक मौजूद थे।
सिरसा, 28 जनवरी। फोटो 06
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

