भोपाल 29 जनवरी (आरएनएस)। हुजूर तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी के विरुद्ध उन्हीं की तहसील के पटवारी लामबंद हो गए हैं। गुरुवार को वे एसडीएम विनोद सोनकिया के पास पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। कहा कि साहब वो अपमानित करते हैं। उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, तहसीलदार त्रिपाठी ने सारे आरोपों को गलत बताया। कहा कि प्रताडि़त या अपमानित जैसा कुछ नहीं है। सिर्फ कार्यालयीन कार्य के लिए कहा जाता है।
प्रांतीय पटवारी संघ के बैनरतले यह ज्ञापन सौंपा गया। इसमें 9 बिंदुओं पर शिकायत की गई। जिसमें बताया कि तहसीलदार के कृत्य बहुत ही गंभीर और पटवारियों को प्रताडि़त करने वाले हैं। इसलिए उन्हें तहसीलदार से हटाया जाए। यदि कार्रवाई नहीं होती है तो जिले के साथ पूरे प्रदेश के पटवारी सड़क पर आंदोलन करने उतरेंगे।
तहसीलदार पर लगाए ये आरोप-हर महीने अलग-अलग वजह बताकर कलेक्शन करने का बोला जा रहा है। जो इसका विरोध करते हैं, उन्हें अपने कक्ष में बुलाकर अपमानित करते हैं।
हल्का बदलने की धमकी दी जाती है।
जो भी पटवारी अनुचित मांगों के खिलाफ बोलने या उसे मानने से इनकार करता है तो उसे वॉट्सएप ग्रुप से हटा दिया जाता है। उसका बायकॉट करते हैं। यह पटवारी को मानसिक रूप से प्रताडऩा देता है।
ऑफिस के काम के समय के अलावा अवकाश के दिन भी काम करवाया जा रहा है।
पटवारी को हर आदेश वॉट्सएप पर सेंड किए जाता है, लेकिन यदि पटवारी अपनी कोई समस्या ग्रुप पर बताता है तो उसे ऑफिस में उपस्थित होने का कहा जाता है।
अवैध कॉलोनी में पटवारी केवल प्रतिवेदित है, जो अवैध अतिक्रमण को लेकर सिर्फ रिपोर्ट करता है, लेकिन तहसीलदार बार-बार थाने में जाकर एफआईआर दर्ज कराने का कहते हैं, जबकि यह काम तहसीलदार कोर्ट से होना चाहिए।
सिविल कोर्ट में प्रचलित प्रकरण में पटवारी प्रतिवेदन देते हैं। इसके बाद संबंधित अधिवक्ता से जवाब बनवाने के लिए पटवारियों को बोला जाता है। इस पर 4 से 5 हजार रुपए खर्च होते हैं। यह तहसील कोर्ट से होना चाहिए।
आधारहीन और दूरभावना से प्राप्त सूचना के आधार पर ही तत्काल एक्शन लिया जाता है। पटवारी से उनका पक्ष नहीं सुना जाता है।
पटवारी का कार्य क्षेत्र भ्रमण प्रकृति का होने के बाद भी उन्हें कई बार ऑफिस में तुरंत उपस्थित होने को कहा जाता है।
तहसीलदार त्रिपाठी ने बताया, पटवारियों से कोई गलत काम नहीं करवाया जा रहा। वरिष्ठ अधिकारी हमारे काम की भी मानीटरिंग करते हैं। वैसे ही मानीटरिंग हम भी करते हैं।

