कोलकाता 16 जून (आरएनएस)। बांग्?लादेश में शेख हसीना के जाने के बाद सत्?ता में आई तारिक रहमान सरकार ने 2.1 किमी लंबा पद्मा बैराज बनाने का ऐलान किया है। बांग्?लादेश में गंगा को पद्मा कहा जाता है। बांग्?लादेश का यह नया पद्मा बैराज पश्चिम बंगाल में फरक्?का बैराज से मात्र 180 किमी दूर है। बांग्?लादेश का आरोप है कि इस फरक्?का बैराज की वजह से उनके यहां पानी की अक्?सर क?िल्?लत हो जाती है। फरक्?का भारत के सबसे व?िशाल नदी बांध में से एक है जिससे एक नहर न?िकली है। इसे गंगा के पानी को भागीरथी-हुगली नदी में भेजने के लिए बनाया गया था ताकि कोलकाता बंदरगाह को पानी से बहाकर साफ रखा जा सके। नए पद्मा बैराज में 2,900 म?िल?ियन क्?यूसिक पानी को रखने की क्षमता होगी और दावा किया जा रहा है कि यह दक्षिण पश्चिमी और उत्?तरी बांग्?लादेश के 6.5 करोड़ लोगों के लिए वरदान साबित होगा। एक मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्?लादेश सरकार इस व?िशाल बांध को बनाने के लिए 39,170 करोड़ रुपये अगले 7 साल में खर्च करने जा रही है। साल 1996 में हुई गंगा जलसंधि के मुताबिक फरक्?का बांध से आधा पानी बांग्?लादेश को जाएगा जब पानी का बहाव 70,000 क्?यूसिक होगा। वहीं मार्च से मई के बीच जब सूखे का सीजन होता है तब प्रत्?येक देश को कम से कम 35,000 क्?यूसिक पानी 10-10 दिन के अंतराल पर दिया जाएगा। यह समझौता अब दिसंबर 2026 में एक्?सायर होने जा रहा है। भारत और बांग्?लादेश दोनों ने कहा है कि इसे आगे बढ़ाने के लिए बातचीत जारी है।
वहीं बांग्?लादेश ने यह भी आरोप लगाया है कि भारत का फरक्?का नदी बांध उनके देश में पानी के समय समय पर आने वाले क?िल्?लत के लिए जिम्?मेदार है। इस विवाद की वजह से भारत और बांग्?लादेश के बीच तीस्?ता समेत कई नदी पानी साझा करने के समझौतों पर साइन नहीं हुआ है। एक्?सपर्ट का कहना है कि सीमा पार पानी से जुड़े सभी मुद्दे पानी के समय पर बहाव की कमी के आसपास ही घूमते हैं। बांग्?लादेश इस नए बैराज के जरिए अपने जल संसाधनों पर कुछ हद तक न?ियंत्रण पाने का जरिया देगा। हालांकि इस बराबरी की बांग्?लादेश को भारी पर्यावरणीय कीमत चुकानी होगी। बांग्?लादेश पहले से सूखे की मार से जूझता रहता है।
साल 2016 में बांग्?लादेश की यात्रा के दौरान चीन के राष्?ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा था कि बांग्?लादेश और चीन एक ही नदी का पानी पीते हैं। चीन पूरे दक्षिण एशिया में पानी का बड़ा मैनेजर बनना चाहता है और उसने दक्षिण पूर्व एशिया में मेकांग पर कंट्रोल करके ऐसा कर दिखाया है। भारत चीन के इस बड़े गेम में फंस गया है। इस बीच बांग्?लादेश ने कहा है कि उसका भारत के साथ रिश्?ता गंगा जलसंधि पर निर्भर करेगा। चीन ब्रह्मपुत्र पर पहले ही दुन?िया का सबसे बड़ा बांध बना रहा है ज?िसका बांग्?लादेश तक असर होगा। तार?िक रहमान चीन जा रहे हैं, माना जा रहा है क?ि तीस्?ता समेत इस बांध पर भी चर्चा हो सकती है।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

