नई दिल्ली,16 जून(आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एयरपोर्ट के आसपास शहरी निर्माण को नियंत्रण करने के लिए विनियमन या नियम (रेगुलेशन) की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है.
कोर्ट ने पिछले साल अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया प्लेन क्रैश का जिक्र किया, जिसमें 241 लोग और एक मेडिकल कॉलेज के 19 डॉक्टर और छात्र मारे गए थे. यह प्लेन क्रैश उसी जगह पर हुआ था.
यह मामला चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस वी मोहना की बेंच के सामने आया. शुरुआत में, बेंच ने कहा कि वह वकील लक्ष्मीकांत मतदान शुक्ला के जरिए शकील शेख की फाइल की गई याचिका पर सुनवाई करने के लिए तैयार नहीं है. वकील ने बेंच से केंद्र और दूसरे संबंधित विभाग को एयरपोर्ट और उसके आसपास शहरी निर्माण को कंट्रोल करने वाले रेगुलेशन बनाने का निर्देश देने की अपील की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला नीति से जुड़ा है.
याचिकाकर्ता की ओर से पेश शुक्ला ने कहा कि देश भर के एयरपोर्ट और उसके आसपास इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए खतरे मौजूद हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शहरी निर्माण के विकास को नियंत्रण करने के लिए कोई नियम मौजूद नहीं है.
वकील ने पिछले साल 12 जून को हुए एयर इंडिया एआई171 क्रैश का जिक्र किया, जिसमें कुल 260 लोग मारे गए थे. उन्होंने कहा कि बीजे मेडिकल कॉलेज के 19 डॉक्टरों और छात्रों की जान चली गई क्योंकि यह प्रभाव बिंदु था.
बेंच ने वकील को साफ कर दिया कि वह याचिका पर विचार नहीं करना चाहती क्योंकि यह पूरी तरह से नीतिगत मामला है. बेंच ने उनसे पूछा कि क्या वह याचिका वापस लेना चाहेंगे. शुक्ला याचिका वापस लेने के लिए मान गए, जिसके बाद बेंच ने याचिका को वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया.
एयर इंडिया का बोइंग 787-8 या ड्रीमलाइनर, जिसका रजिस्ट्रेशन वीटी-एएनबी था, 12 जून 2025 को लंदन जा रहा था. विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश हो गया. इस विमान हादसे विमान में सवार 241 लोग मारे गए. वहीं, इस हादसे में 19 लोग जमीन पर मारे गए.
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