0-भवानी भवन से सीधे ममता बनर्जी के घर पहुंचे
कोलकाता,16 जून(आरएनएस)। बंगाल में चौबीस घंटे के भीतर तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी को दो अलग-अलग मामलों में बड़ी जांच एजेंसियों की मैराथन पूछताछ का सामना करना पड़ा है। सोमवार को शिक्षक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की लंबी पूछताछ के बाद, मंगलवार को चुनाव के दौरान कथित भड़काऊ टिप्पणी करने के मामले में राज्य सीआईडी ने उनसे करीब साढ़े छह घंटे तक सघन पूछताछ की। मंगलवार शाम ठीक 6 बजकर 25 मिनट पर कोलकाता के भवानी भवन (सीआईडी मुख्यालय) से बाहर निकलने के बाद अभिषेक बनर्जी किसी से बात किए बिना सीधे कालीघाट स्थित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के लिए रवाना हो गए, जहां वे पार्टी की एक महत्वपूर्ण और आपात बैठक में शामिल हुए।
निर्धारित समयानुसार, अभिषेक बनर्जी मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे भवानी भवन स्थित सीआईडी कार्यालय पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए सीआईडी ने अनुभवी अधिकारियों की एक विशेष टीम का गठन किया था। जांचकर्ताओं ने अभिषेक के बयानों और उसके पीछे के राजनीतिक उद्देश्यों को स्पष्ट करने के लिए एक विस्तृत प्रश्नावली तैयार की थी। भवानी भवन में कई उच्च पदस्थ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से उनसे पूछताछ की और इस दौरान उनका आधिकारिक बयान भी रिकॉर्ड किया गया।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले विधानसभा में फर्जी हस्ताक्षर के एक मामले की जांच के सिलसिले में भी अभिषेक बनर्जी को सीआईडी के समक्ष पेश होना पड़ा था। यह पूरा विवाद हाल ही में संपन्न हुए 2026 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान का है। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा (क्चछ्वक्क) के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए अभिषेक बनर्जी के गले से कई तीखे और विवादित बयान सुने गए थे। इसी दौरान उनका ‘डीजे बजाने’ से जुड़ा एक खास बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा में आया था।
चुनावी जनसभा में अभिषेक बनर्जी की शारीरिक भाषा, बोलने का अंदाज और शब्दों का चयन पूरी तरह से उकसाने वाला था। विपक्षी कार्यकर्ताओं का दावा है कि यह बयान सीधे तौर पर उनके खिलाफ एक खुली धमकी की तरह था। इस बयान के कारण चुनावी माहौल के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था बिगडऩे और तनाव फैलने की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया गया था, जिसकी जांच बाद में सीआईडी को सौंप दी गई। बीते शुक्रवार को सीआईडी के अधिकारी खुद कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के ‘शांतिनिकेतन’ आवास पर गए थे और उन्हें 16 जून (मंगलवार) को हाजिर होने का कानूनी समन नोटिस थमाया था। इसी नोटिस का सम्मान करते हुए टीएमसी सांसद मंगलवार को भवानी भवन पहुंचे थे। एक तरफ जहां भर्ती घोटाले में ईडी का शिकंजा और दूसरी तरफ भड़काऊ बयान मामले में सीआईडी की साढ़े छह घंटे की पूछताछ ने राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को चरम पर पहुंचा दिया है। भवानी भवन से निकलकर सीधे ममता बनर्जी के घर जाने और वहां चल रही बैठक को लेकर राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि टीएमसी अब इन कानूनी लड़ाइयों के खिलाफ अपनी अगली रणनीतिक रूपरेखा तैयार कर रही है। बहरहाल हाल के दिनों में एक खास पैटर्न देखने को मिला है कि जब भी किसी मामले में अभिषेक बनर्जी से पूछताछ खत्म होती है, वे वहां से सीधे कालीघाट में अपनी दलनेत्री ममता बनर्जी के घर पहुंचते हैं। मंगलवार को भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिससे साफ है कि कानूनी चुनौतियों के बीच टीएमसी नेतृत्व हर कदम फूंक-फूंक कर रख रहा है और अपनी अगली राजनीतिक व कानूनी रणनीति तैयार करने में जुटा है।
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