केन्द्रीय बलों की जवानों की लाठियां चटकी , जान बचाने के लिए दर्जनों लोग तालाब में कूदे
जहांगीर खान की पत्नी के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों का धावा
जगदीश यादव
फलता/कोलकाता। दक्षिण 24 परगना जिला में स्थित फलता थाना के सामने आज एक्शन हिंदी फिल्मों का दृश्य नजर आया। जी हां, कोई रील लाइफ नहीं बरन रियल लाइफ का दृश्य दिखा। आज देखते ही देखते फलता थाना व उसके आसपास का इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। एक बड़ी भीड़ अचानक थाने के सामने जमा हो गई और पुलिस हिरासत में रह रहे गिरफ्तार तृणमूल के दबंग नेता को जहांगीर खान को थाने से जबरन छुड़ाने की कोशिश की गई। भीड़ हिंसक होने लगी। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों को जमकर लाठीचार्ज करना पड़ा। केंद्रीय जवानों की इस जवाबी कार्रवाई और खदेड़े जाने के बाद हमलावरों में ऐसी भगदड़ मची कि कई उपद्रवी अपनी जान बचाने के लिए पास की नदी में कूद गए और तैरकर भागने पर मजबूर हुए।
आरोपों के अनुसार, यह जमावड़ा खान की पत्नी के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। लेकिन भीड़ जुलूस की शक्ल में आई। जहांगीर खान की पत्नी के नेतृत्व में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने अचानक फलता थाने को घेर लिया। आरोप है कि इन सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने जहांगीर खान को पुलिस कस्टडी से जबरन बाहर निकालने की कोशिश की ताकि उसे लेकर जा सके। उत्तेजित भीड़ ने जब थाने के मुख्य गेट को धक्का देकर भीतर घुसने का प्रयास किया, तो वहां मुस्तैद स्थानीय पुलिस और केंद्रीय बलों के जवानों ने उन्हें मुस्तैदी से रोका। ऐसे में हंगामा चरम पर पहुंच गया और स्थिति पूरी तरह हाथ से बाहर होने लगी, तब केंद्रीय बल एक्शन में आए। जवानों ने लाठियां भांजते हुए भीड़ को खदेडऩा शुरू कर दिया। पहले तो भीड़ को लगा कि वह लोग जहांगीर को जबरदस्ती लेकर चले जाएगें लेकिन केद्रीय बल के जवानों के लाठियां बांजने से कुछ ही देर में सैंकड़ों लोगों के हौंसले पस्त हो गए। भागने का कोई रास्ता न पाकर दर्जनों प्रदर्शनकारी पास की नदी में कूद गए और जान बचाने के लिए नदी में तैरकर भागते देखा गया। बता दे कि तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेता अभिषेक बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान को राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने उसे उत्तर बंगाल के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से दबोचा था।
बंगाल चुनाव के दौरान जहांगीर खान आईपीएस जय पाल शर्मा को धमकी देकर सुर्खियों में आया था। जहांगीर ने पुष्पा वाले अंदाज में कहा था कि झुकेंगे नहीं। फलता सीट पर चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार को जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव के दौरान 29 अप्रैल को अंतिम चरण के मतदान में फलता विधानसभा क्षेत्र के कुछ बूथों पर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों में छेड़छाड़ और अन्य गड़बडिय़ों के आरोप भी लगाए गए थे। इसके बाद पुनर्निर्वाचन की मांग उठी और चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान का निर्णय लिया था। 4 मई को बाकी सीटों के परिणाम घोषित किए गए थे। जहांगीर खान पहले भी राजनीतिक बयानबाज़ी को लेकर चर्चा में रहे हैं। मतदान से पहले उनके आवास पर सुरक्षा बलों और पुलिस ने छापेमारी की थी। उस दौरान उनके बयानों और चुनावी माहौल को लेकर राज्य की राजनीति में काफी विवाद हुआ था। जहांगीर खान के खिलाफ शिकायतों का पुलिंदा बेहद लंबा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उस पर अवैध रूप से जमीन कब्जा करने, रंगदारी टैक्स वसूलने और आम जनता को डरा-धमकाकर इलाके में आतंक का माहौल पैदा करने के अनगिनत आरोप दर्ज हैं।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

