दुर्ग,16 जून (आरएनएस)। निकुम तीर्थराज देवी निकुंभला धाम स्थित जय शक्ति आश्रम की संस्थापक एवं संचालक संतश्री माताजी का मंगलवार देर शाम निधन हो गया। वे पिछले करीब एक महीने से अस्वस्थ थीं और 20 मई से रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में उपचाररत थीं। ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी, जिसके चलते वे कोमा में चली गई थीं। उपचार के दौरान मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।
आश्रम प्रबंधन के अनुसार संतश्री माताजी की अंतिम यात्रा 17 जून को दोपहर 12 बजे निकुम स्थित जय शक्ति आश्रम से निकाली जाएगी। उनके निधन की खबर से श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर है।
संतश्री माताजी के मार्गदर्शन में निकुम जय शक्ति आश्रम क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं धार्मिक केंद्र बनकर उभरा। आश्रम में समय-समय पर लोककल्याण, सुख-समृद्धि और विश्व शांति के उद्देश्य से विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ और महायज्ञ आयोजित किए जाते रहे हैं। उनके सान्निध्य में कई भव्य धार्मिक आयोजनों ने क्षेत्र को विशेष पहचान दिलाई।
आश्रम में आयोजित प्रमुख अनुष्ठानों में “गणपति भद्रकाल्यै नमः” जैसे विशेष महायज्ञ शामिल रहे हैं। इसके अलावा क्षेत्र में सुख-शांति, जनकल्याण तथा अकाल और सूखे जैसी प्राकृतिक चुनौतियों से राहत की कामना को लेकर भी विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। संतश्री माताजी ने अपने आध्यात्मिक जीवन और धार्मिक सेवाओं के माध्यम से समाज में आस्था, सेवा और सद्भाव का संदेश प्रसारित किया।
उनके निधन को आश्रम और श्रद्धालु समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। श्रद्धालुओं ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

