नई दिल्ली ,30 जनवरी । पिछले कुछ दिनों से टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक खबर ने सबको चौंका दिया है। इंटरनेट पर करीब 149 मिलियन (लगभग 15 करोड़) ईमेल आईडी और पासवर्ड खुलेआम तैरते हुए मिले हैं। पहली नजर में यह किसी बहुत बड़े साइबर हमले जैसा लग रहा है, लेकिन हकीकत थोड़ी अलग है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह किसी एक कंपनी के सर्वर को हैक करके चुराया गया ताजा डेटा नहीं है, बल्कि पिछले कई सालों में अलग-अलग वेबसाइट्स से लीक हुए पुराने डेटा को जोड़कर एक विशाल डेटाबेस तैयार किया गया है। आसान शब्दों में कहें तो पुरानी चोरियों के डेटा को एक जगह इक_ा करके एक नई लिस्ट बना दी गई है।
जीमेल और नेटफ्लिक्स यूजर्स की बढ़ी धड़कनें
इस खबर के सामने आते ही जीमेल, फेसबुक, इंस्टाग्राम, नेटफ्लिक्स और पे-पाल जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स में डर का माहौल है। असल खतरा उन लोगों के लिए ज्यादा है जो हर जगह एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल करते हैं। साइबर एक्सपर्ट्स इसे ‘क्रेडेंशियल स्टफिंग अटैकÓ कहते हैं। इसका मतलब यह है कि अगर आपका पासवर्ड किसी पुराने लीक में शामिल था, तो हैकर्स उसी पासवर्ड का इस्तेमाल करके आपके दूसरे सोशल मीडिया या बैंकिंग अकाउंट्स को खोलने की कोशिश कर सकते हैं। यानी समस्या वेबसाइट की सुरक्षा से ज्यादा आपकी पासवर्ड रखने की आदत से जुड़ी है।
कैसे पता करें आपका डेटा लीक हुआ है या नहीं?
इस खतरे के बीच राहत की बात यह है कि आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि आपका अकाउंट सुरक्षित है या नहीं। इसके लिए ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट ट्रॉय हंट द्वारा बनाई गई भरोसेमंद वेबसाइट ‘॥ड्ड1द्ग ढ्ढ क्चद्गद्गठ्ठ क्क2ठ्ठद्गस्रÓ का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह वेबसाइट पूरी तरह मुफ्त है और दुनिया की बड़ी कंपनियां भी इस पर भरोसा करती हैं। आपको बस इस साइट पर जाकर अपना ईमेल एड्रेस डालना होगा। अगर आपका डेटा किसी भी बड़े लीक में शामिल रहा है, तो यह वेबसाइट तुरंत बता देगी कि डेटा किस साल और किस वेबसाइट से लीक हुआ था और क्या उसमें पासवर्ड भी शामिल थे।
तुरंत बदलें पासवर्ड और ऑन करें टू-स्टेप वेरिफिकेशन
अगर चेक करने पर आपको अपना डेटा लीक में मिलता है, तो घबराने के बजाय तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाएं। सबसे पहले उस वेबसाइट का पासवर्ड बदल दें जहां से डेटा लीक हुआ था। अगर आपने वही पासवर्ड दूसरे अकाउंट्स पर भी रखा है, तो उसे भी फौरन बदल दें। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि भविष्य में सुरक्षा के लिए हर प्लेटफार्म पर अलग-अलग पासवर्ड रखें और टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2स्न्र) को जरूर ऑन करें। इसके अलावा, पासवर्ड याद रखने के झंझट से बचने और यूनिक पासवर्ड बनाने के लिए आप ‘1क्कड्डह्यह्य2शह्म्स्रÓ जैसे किसी अच्छे पेड पासवर्ड मैनेजर टूल की मदद भी ले सकते हैं।
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