न्यूयॉर्क ,30 जनवरी । संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गुरुवार को वैश्विक व्यवस्था और महाशक्तियों की भूमिका को लेकर अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दुनिया का संचालन किसी एक देश के प्रभाव या निर्देशों से नहीं किया जा सकता और ऐसी सोच से वैश्विक समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। इस दौरान उन्होंने अमेरिका और चीन, दोनों का परोक्ष रूप से उल्लेख किया।
अपने कार्यकाल के दसवें और अंतिम वर्ष की शुरुआत के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में गुटेरेस ने बदलते वैश्विक परिदृश्य और बढ़ते तनावों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कई संघर्षों और युद्धों की शुरुआत देखी है, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता को और रेखांकित करता है। गौरतलब है कि इस वर्ष के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद उनके उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया शुरू करेगी।
गुटेरेस ने कहा कि वैश्विक चुनौतियां किसी एक शक्ति के वर्चस्व से हल नहीं हो सकतीं और न ही दुनिया को दो ध्रुवों में बांटने से स्थिरता आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल अमेरिका और चीन केंद्रित व्यवस्था टिकाऊ समाधान नहीं दे सकती। उन्होंने बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि एक स्थिर, शांतिपूर्ण और समावेशी विश्व के लिए कई प्रभावशाली शक्तियों के बीच संतुलन जरूरी है। इस संदर्भ में उन्होंने हालिया अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का उल्लेख किया और भारत तथा यूरोपीय संघ के बीच हुए व्यापार समझौते को सकारात्मक संकेत बताया।
हाल के दिनों में कई देशों द्वारा अमेरिकी प्रभुत्व को लेकर उठाए गए सवालों के बीच गुटेरेस की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीसÓ की घोषणा के लगभग एक सप्ताह बाद आया है, जिसे ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र के विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया था। गुटेरेस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद की ही है।
गुटेरेस ने कहा कि आज के समय में अंतर्राष्ट्रीय कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय कानून को कुचला जा रहा है। सहयोग कम हो रहा है और बहुपक्षीय संस्थाओं पर कई मोर्चों पर हमला हो रहा है। आज जंग शुरू करने वालों को सजा नहीं मिल रही जिससे तनाव बढ़ रहा है, अविश्वास बढ़ रहा है और बुरे लोगों के लिए मौके बढ़ रहे हैं। हालांकि गुटेरेस ने कहा है कि इतनी बाधाओं के बावजूद संयुक्त राष्ट्र हार नहीं मानेगा और शांति की स्थापना करने की पूरी कोशिश करेगा।
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