रियाद ,30 जनवरी । अमेरिका के बाद अब सऊदी अरब ने भी विदेशियों के लिए वीज़ा और नौकरी नियमों को सख़्त कर दिया है। सऊदी सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी विजऩ 2030 योजना के तहत रोजगार और वर्क वीज़ा नीति में बड़े बदलाव करते हुए स्थानीय नागरिकों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। इन नए नियमों के तहत चार अहम पेशों को पूरी तरह सऊदी नागरिकों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
क्तद्ब2ड्ड पोर्टल से लागू हुए नए नियम
सऊदी सरकार ने ये बदलाव अपने श्रम पोर्टल कि़वा (क्तद्ब2ड्ड) के माध्यम से लागू कर दिए हैं। इसके बाद अब इन पदों पर न तो प्रवासियों की नई नियुक्ति हो सकेगी और न ही किसी विदेशी कर्मचारी का पदनाम बदला जा सकेगा। नए नियमों के अनुसार, जनरल मैनेजर, सेल्स प्रतिनिधि, मार्केटिंग स्पेशलिस्ट और प्रोक्योरमेंट मैनेजर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अब केवल सऊदी नागरिक ही नियुक्त किए जाएंगे।
प्रवासियों के लिए सीमित विकल्प
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो विदेशी कर्मचारी पहले से जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें सख़्त शर्तों के साथ सीईओ या चेयरमैन जैसे वैकल्पिक पदनाम अपनाने की सलाह दी गई है। सेल्स प्रतिनिधि के पदों पर सऊदी कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि मार्केटिंग स्पेशलिस्ट पदों पर कम से कम 60 प्रतिशत सऊदी नागरिकों की नियुक्ति जरूरी होगी। सप्लाई चेन पर स्थानीय नियंत्रण मजबूत करने के उद्देश्य से प्रोक्योरमेंट मैनेजर का पद भी पूरी तरह सऊदी नागरिकों के लिए आरक्षित किया गया है।
न्यूनतम वेतन की सख़्त शर्तें
नए नियमों के तहत सेल्स और मार्केटिंग विभाग में कार्यरत सऊदी कर्मचारियों को कम से कम 5,500 सऊदी रियाल प्रति माह वेतन देना अनिवार्य होगा। वहीं, तकनीकी और इंजीनियरिंग पदों के लिए न्यूनतम वेतन 8,000 रियाल प्रति माह तय किया गया है। सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनियां इन शर्तों का पालन नहीं करतीं, तो ऐसे कर्मचारियों को स्ड्डह्वस्रद्ब5ड्डह्लद्बशठ्ठ कोटे में शामिल नहीं किया जाएगा।
प्रवासी कर्मचारियों पर सीधा असर
इन बदलावों का सबसे बड़ा असर प्रवासी कामगारों पर पड़ेगा। अब कुछ पदों पर न तो नया वर्क वीज़ा जारी किया जाएगा और न ही नौकरी मिलने के बाद पदनाम बदलने की अनुमति होगी। तय सीमा पूरी होने के बाद कंपनियां अतिरिक्त प्रवासी कर्मचारियों को नियुक्त नहीं कर सकेंगी। सरकार ने कंपनियों को नियमों के अनुपालन के लिए तीन महीने की मोहलत दी है।
भारतीयों के लिए योग्यता सत्यापन अनिवार्य
जनवरी 2025 से सऊदी अरब जाने वाले भारतीय श्रमिकों के लिए अपनी शैक्षणिक और पेशेवर योग्यताओं का पूर्व सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। सऊदी श्रम मंत्री अहमद अल-रजही के अनुसार, इन फैसलों का उद्देश्य केवल नौकरियों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि सऊदी नागरिकों को नेतृत्व और निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में लाना है।
संकेत साफ प्रवासियों के लिए अवसर होंगे सीमित
सरकार का मानना है कि निजी क्षेत्र की कमान धीरे-धीरे देश के युवाओं के हाथों में दी जानी चाहिए और विदेशी निर्भरता कम की जानी चाहिए। यह फैसला स्पष्ट संकेत देता है कि आने वाले समय में सऊदी अरब में प्रवासियों, खासकर प्रशासनिक और प्रबंधकीय पदों पर, अवसर सीमित हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, सऊदी युवाओं के लिए ये बदलाव रोजगार की नई संभावनाओं के द्वार खोल सकते हैं।
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